
Jan Shiksha Niti 2026: भागलपुर में शिक्षा के भविष्य पर एक अहम बहस छिड़ गई है। गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में रविवार को जन शिक्षा नीति 2026 को लेकर एक कन्वेंशन आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को शिक्षा-विरोधी करार दिया गया। AISEC ने कहा कि यह नीति गरीब छात्रों के लिए खतरा है।
भागलपुर के गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में रविवार को एक महत्वपूर्ण कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इस दौरान NEP 2020 के विकल्प के तौर पर प्रस्तावित जन शिक्षा नीति 2026 पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
NEP 2020 पर AISEC का विरोध और जन शिक्षा नीति 2026 का समर्थन
कार्यक्रम में ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी (AISEC) के जिला संयोजक रवि कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका संगठन शुरू से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का पुरजोर विरोध कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मौजूदा शिक्षा नीति जन-विरोधी और शिक्षा-विरोधी है, जिसका सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा है। सिंह ने बताया कि NEP 2020 के खिलाफ देशव्यापी स्तर पर विचार-गोष्ठियां, सेमिनार, हस्ताक्षर अभियान और संसद मार्च जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन अभियानों का उद्देश्य इस वैकल्पिक नीति को देश के छात्रों और समग्र शिक्षा व्यवस्था के हित में एक बेहतर और समावेशी विकल्प के रूप में प्रस्तुत करना है।
शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ एकजुटता और आगामी अभियान
कन्वेंशन में उपस्थित विभिन्न वक्ताओं ने शिक्षा के बढ़ते निजीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की और सभी वर्गों के लिए समान एवं सुलभ शिक्षा व्यवस्था को लागू करने की मांग उठाई। इस दौरान यह संकल्प लिया गया कि इस वैकल्पिक शिक्षा नीति के बारे में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस मॉडल से परिचित हो सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







