
Vikramshila Bridge: भागलपुर में विक्रमशिला पुल का पहुंच पथ क्षतिग्रस्त हुआ, तो गाड़ियों की आवाजाही थम गई। लेकिन जहां सड़क खाली हुई, वहां बच्चों का बचपन दौड़ पड़ा। प्रशासन के लिए चुनौती बनी इस खस्ताहाल सड़क पर अब शाम ढलते ही खेल का मैदान सजने लगा है, जहां लोग बेफिक्र होकर टहल भी रहे हैं।
भागलपुर शहर में विक्रमशिला पुल का क्षतिग्रस्त पहुंच पथ इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कभी भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लगातार आवाजाही के लिए पहचानी जाने वाली यह सड़क अब बच्चों के खेल के मैदान में तब्दील हो गई है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण जहां एक ओर यातायात पूरी तरह प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय बच्चे इस सुनसान पड़े रास्ते को अपने मनोरंजन का केंद्र बना चुके हैं। शाम होते ही यहां का नजारा बदल जाता है। सड़क पर बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते हैं, तो कुछ साइकिल चलाना सीखते हैं। कई लोग यहां शाम की सैर करने भी पहुँच रहे हैं। दुर्घटना के खतरे से मुक्त इस खाली पड़े रास्ते पर लोगों को कुछ समय के लिए राहत और खुलापन महसूस हो रहा है।
खाली हुई सड़क पर खिलखिलाता बचपन
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण बच्चों को बाहर निकलने में भी डर लगता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। इस बदले हुए दृश्य में कुछ देर के लिए लोग अपनी परेशानियां भूल जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह एक अजीब विडंबना है कि जो सड़क शहर की लाइफलाइन थी, वही अब बच्चों के लिए खेल का मैदान बन गई है।
विक्रमशिला पुल: प्रशासन की बढ़ी चुनौती
हालांकि, इस बदले हुए दृश्य के पीछे एक गंभीर समस्या भी छिपी हुई है। पुल का क्षतिग्रस्त पहुंच पथ प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। यातायात समस्या के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार, आवागमन और दैनिक जीवन पर इसका सीधा असर साफ दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द पुल मरम्मत का कार्य शुरू कर स्थिति सामान्य करनी चाहिए। इस बीच, विक्रमशिला पुल के इस हिस्से पर बढ़ती यातायात समस्या को दूर करना अत्यंत आवश्यक है।
फिर भी, इस सुनसान सड़क पर खेलते बच्चों की मुस्कान एक अलग संदेश देती है। यह दृश्य बताता है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, जीवन अपने लिए रास्ता खोज ही लेता है। विकास के पहिये भले थम गए हों, लेकिन बच्चों की खुशियां अब भी उसी सड़क पर दौड़ रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की है।
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