
Land Registration: बिहार में अब जमीन खरीदना और बेचना पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी होने वाला है। सम्राट चौधरी सरकार ने एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जिससे रजिस्ट्री से पहले ही आपको जमीन की पूरी कुंडली मिल जाएगी और विवादों पर लगाम लगेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्या है नई Land Registration प्रक्रिया?
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने रैयती जमीन के निबंधन से पहले खरीदारों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली है। इसके तहत सभी अंचलाधिकारियों (CO) को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और जमीन निबंधन के लिए मोबाइल यूनिट भी तैयार की गई है। संभावना है कि इसी महीने से बिहार में यह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।
नई प्रक्रिया के तहत, जमीन रजिस्ट्री कराते समय आवेदकों को निबंधन पोर्टल पर 13 तरह की महत्वपूर्ण जानकारी देनी होगी। यह पहल सात निश्चय-3 के ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत दस्तावेज निबंधन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। 16 फरवरी को दोनों विभागों ने संयुक्त रूप से सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर बताया था कि अधूरी जानकारी के कारण जमीन रजिस्ट्री में अनावश्यक विवाद उत्पन्न हो रहे हैं। अब पक्षकारों को संबंधित भूमि के बारे में आधिकारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी है, उसके लिए आवेदकों को पोर्टल पर निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता संख्या, खेसरा, भूमि का रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता और विक्रेता का नाम जैसी डिटेल्स देनी होंगी। अंचलाधिकारी इन जानकारियों की जांच-पड़ताल कर 10 दिनों के भीतर आवेदक को SMS के माध्यम से पूरी जानकारी मुहैया कराएंगे। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव ने पुष्टि की है कि Land Registration से पहले खरीदारों को इससे संबंधित पूरी जानकारी जल्द ही मिलने लगेगी। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और मोबाइल यूनिट्स भी तैयार हैं।
शिकायतों के लिए सहयोग पोर्टल का शुभारंभ
एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को आम लोगों की शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए सहयोग पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। यह पोर्टल बिहार सरकार का एक रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम है, जिसे जनता की शिकायतों का समय पर, पारदर्शी और जवाबदेहीपूर्ण तरीके से निवारण सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। यह नागरिकों को एक एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से शिकायतें दर्ज करने, उनकी स्थिति जानने, रिमाइंडर भेजने और प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाएगा।
यह प्रणाली बिहार सरकार के सभी विभागों में कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करेगी। आम लोगों से शिकायतें आसानी से प्राप्त करने के लिए 19 मई से पंचायत स्तर पर शिविर भी लगाए जाएंगे। हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







