
समस्तीपुर-दरभंगा दोहरीकरण परियोजना: बिहार के मिथिलांचल को बेहतर रेल सेवाओं का इंतजार अब खत्म होने वाला है! समस्तीपुर-दरभंगा के बीच रेल यात्रा को तेज और सुगम बनाने वाली यह परियोजना अपने अंतिम चरण में है। जल्द ही एक महत्वपूर्ण रेलखंड पर सीआरएस निरीक्षण होने जा रहा है, जो क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात लेकर आएगा।
समस्तीपुर रेल मंडल ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। समस्तीपुर-दरभंगा दोहरीकरण परियोजना के तहत नवनिर्मित 12 किलोमीटर लंबे रामभद्रपुर-थलवारा रेलखंड पर 14 मई 2026 को संरक्षा आयुक्त (रेलवे), पूर्वी परिमंडल, कोलकाता द्वारा निरीक्षण और स्पीड ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान आम जनता से अपील की गई है कि वे रेलवे लाइन से दूर रहें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कब और कहां होगा निरीक्षण?
जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर-दरभंगा दोहरीकरण परियोजना का यह महत्वपूर्ण चरण रामभद्रपुर से थलवारा के बीच 12 किलोमीटर के नवनिर्मित रेलखंड पर केंद्रित है। 14 मई 2026 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक स्पीड ट्रायल और उसके बाद सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) द्वारा गहन निरीक्षण किया जाएगा। यह निरीक्षण रेलवे संरक्षा मानकों की जांच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में विकास की नई रफ्तार आएगी।
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को रेलवे ट्रैक से दूर रहना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति इसकी अवहेलना करता है और कोई दुर्घटना होती है, तो इसके लिए रेल प्रशासन जिम्मेदार नहीं होगा। अब तक 38 किलोमीटर लंबी समस्तीपुर-दरभंगा दोहरीकरण परियोजना में से 26 किलोमीटर का दोहरीकरण कार्य पूरा हो चुका है और उसे चालू भी कर दिया गया है।
परियोजना का महत्व और लाभ
समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड मिथिलांचल क्षेत्र के लिए जीवन रेखा के समान है। यह यात्रियों और माल परिवहन दोनों को सुगम बनाता है। भौगोलिक रूप से, यह रेलखंड मिथिला क्षेत्र की रेलवे अवसंरचना का एक अभिन्न अंग है और बिहार के उत्तरी जिलों के बीच आंतरिक संपर्क को मजबूत करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह पहल क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देगी।
इस परियोजना से दरभंगा, मधुबनी, जयनगर और आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ कृषि उत्पादों के परिवहन हेतु बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद डीएमयू सेवाओं द्वारा समस्तीपुर और दरभंगा के मध्य यात्रा अवधि में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे रेलखंड पर भीड़भाड़ कम होगी और अधिक रेल सेवाओं का परिचालन संभव हो सकेगा। मुक्तापुर, लहेरियासराय, दरभंगा और तारसराय स्थित महत्वपूर्ण माल गोदामों में भी दोहरीकरण के बाद माल यातायात में वृद्धि की संभावना है, जिससे व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा और बेहतर रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/





