
बिहार CM पैदल: पटना की सड़कों पर शुक्रवार सुबह एक अनोखा नजारा देखने को मिला। आमतौर पर कड़े सुरक्षा घेरे में चलने वाले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने सरकारी आवास से सचिवालय तक पैदल ही पहुंच गए। उनका यह कदम जहाँ जनता के लिए चौंकाने वाला था, वहीं अधिकारियों को भी एक बड़ा संदेश दे गया।
वीआईपी कल्चर पर प्रहार, सादगी की मिसाल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को बिना किसी तामझाम और बड़े सुरक्षा काफिले के अपने सरकारी आवास से पुराने सचिवालय तक पैदल पहुंचे। उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी कदमताल करते दिखे। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देश से वीआईपी कल्चर खत्म करने और सादगी अपनाने की अपील कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह कदम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पटना शहर की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम करने का संदेश भी दिया। राजधानी की सड़कों पर अमूमन मुख्यमंत्री का काफिला तेज सुरक्षा घेरे में कई वाहनों के साथ निकलता है, लेकिन शुक्रवार की सुबह तस्वीर बिल्कुल अलग थी। सम्राट चौधरी एक साधारण नागरिक की तरह अधिकारियों के साथ चलते नजर आए, जिसे देख सड़क किनारे खड़े लोग अचंभित रह गए। कई लोगों ने अपने मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड किए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने का निर्देश
पैदल मार्च के दौरान मुख्यमंत्री ने सफाई व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सरकारी कामकाज से जुड़े कई पहलुओं पर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को कड़े शब्दों में फील्ड में सक्रिय रहने और अपनी जिम्मेदारियों का समय पर निर्वहन करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी: पैदल चलकर सचिवालय पहुंचे
बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ लोक सेवक आवास से पैदल ही सचिवालय पहुंचे. इस दौरान उनके साथ सामान्य सुरक्षा व्यवस्था थी. इससे पहले भी उन्होंने काफिले में वाहनों की संख्या में कटौती की थी, जिसकी जानकारी उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया ‘X’ पर साझा की थी.
पीएम मोदी की अपील और वीआईपी कल्चर पर चोट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नेताओं से बेवजह बड़े काफिलों और ताम-झाम से बचने की अपील की थी. उनका मानना है कि इससे आम जनता को असुविधा होती है और इससे वीआईपी कल्चर को बढ़ावा मिलता है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अपील को तुरंत अपने व्यवहार में उतारा है और अन्य नेताओं से भी वाहनों का कम उपयोग करने का आग्रह किया है. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुख्यमंत्री के इस कदम को राजनीतिक गलियारों में सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है. उम्मीद है कि अन्य जनप्रतिनिधि भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे. देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मुख्यमंत्री के साथ पैदल चल रहे अधिकारियों की मौजूदगी ने भी सबका ध्यान खींचा। कई वरिष्ठ अधिकारी बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाते दिखे। इससे प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह दर्शाने की कोशिश की गई कि सरकार जनहित के मुद्दों पर सीधे मैदान में उतरकर काम करने को प्रतिबद्ध है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बिहार CM पैदल मार्च: सादगी और जवाबदेही का संदेश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह बिहार CM पैदल मार्च प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह उनकी कार्यशैली में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है, जहां आम जनता से सीधा जुड़ाव और अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







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