
MLA convoy attack: बिहार की सियासत में हलचल मचा देने वाली खबर गया से आ रही है, जहां बाराचट्टी की विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर जानलेवा हमला किया गया है। मोहनपुर प्रखंड में हुए इस हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जो घटना की भयावहता बयान कर रहा है।
गया जिले के मोहनपुर प्रखंड में रविवार को बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर कथित हमला होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विधायक ने आरोप लगाया है कि गांव जाने के दौरान रास्ते में योजनाबद्ध तरीके से उनका काफिला रोका गया। सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई की गई, जातिसूचक गालियां दी गईं और गाड़ी पर हमला करने की कोशिश हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह हमला मोहनपुर प्रखंड के गंभीरा गांव जाने वाले रास्ते में हुआ था।
क्या हुआ MLA convoy attack के दौरान?
घटना उस समय हुई जब बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी बुमुआर पंचायत के गंभीरा गांव जा रही थीं। प्रशासनिक टीम उन्हें बिंदा तक सुरक्षित छोड़कर लौट चुकी थी। इसके बाद जैसे ही उनका काफिला नदी पार कर आगे बढ़ा, रास्ते में एक पिकअप वैन खड़ी कर दी गई। विधायक के अनुसार, इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके काफिले को रोक लिया और विवाद शुरू हो गया। इस MLA convoy attack का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग लुंगी और गंजी पहने दिखाई दे रहे हैं। वे सुरक्षाकर्मियों से बहस और धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं। विधायक की गाड़ी के सामने पिकअप वैन खड़ी दिख रही है। इसी दौरान सड़क निर्माण को लेकर भी नाराजगी जताई जा रही है। वीडियो में माहौल काफी तनावपूर्ण दिखाई दे रहा था।
विधायक गाड़ी के अंदर ही बैठी रहीं, जबकि उनके सुरक्षाकर्मी नीचे उतरकर रास्ता साफ कराने लगे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने सुरक्षाकर्मियों का कॉलर पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की। विधायक ने कहा है कि उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की गई। गाड़ी के शीशे पर भी हमला किया गया। घटना के दौरान अभद्र भाषा और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया है। यह गया की घटना स्थानीय राजनीति और कानून व्यवस्था पर कई सवाल उठाती है।
विधायक के गंभीर आरोप और पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में विधायक ने मोहनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आवेदन में पलटू यादव, सुनील यादव, दीपक यादव, सीता यादव, कारु मालाकार, राहुल मालाकार और विक्रम ठाकुर समेत कई लोगों को नामजद किया गया है। शिकायत में जानलेवा हमले की आशंका जताई गई है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से विधायक का काफिला वहां से निकल सका।
सुरक्षा को लेकर पहले भी जताई थी चिंता
विधायक ने प्रशासन को बताया है कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन पर हमला हुआ था। उन्होंने पहले भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसके बावजूद हालात में सुधार नहीं होने का आरोप लगाया गया है। इस गंभीर गया की घटना के बाद पुलिस ने विधायक की ओर से घटना के दौरान रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी प्राप्त कर लिया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बढ़ा दी गई है।




