
PNG Connections: बिहार में अब घर-घर गैस पहुंचाने की मुहिम जोर पकड़ रही है। राज्य के 20 जिलों तक पाइप से नेचुरल गैस का नेटवर्क पहुंच गया है, जो कुल जिलों का आधे से अधिक है। जानिए इस महत्वपूर्ण प्रगति और आगामी योजनाओं का पूरा लेखा-जोखा।
पटना: बिहार में पाइप से नेचुरल गैस (PNG) का नेटवर्क 20 जिलों तक फैल गया है, जिससे राज्य में गैस कनेक्टिविटी ने आधे से अधिक का लक्ष्य पार कर लिया है। यह जानकारी मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने दी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के तहत आयोजित आपदा प्रबंधन समूह (CMG) की इस बैठक में PNG कनेक्शन की प्रगति, रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता के साथ-साथ सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की गई।

बिहार में तेजी से बढ़ रहे PNG कनेक्शन
अधिकारियों ने बताया कि हाल के महीनों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार काफी तेज हुआ है। 5 मई को सहरसा और 18 मई को बांका के गैस नेटवर्क से जुड़ने के साथ ही राज्य के कुल 20 जिले अब गैस वितरण प्रणाली से जुड़ चुके हैं। समीक्षा के अनुसार, मासिक PNG कनेक्शन दर पिछले साल के 3,000-3,500 से बढ़कर अप्रैल 2026 में 10,952 हो गई है। मई में 18 तारीख तक 6,252 नए घरेलू PNG कनेक्शन पहले ही सक्रिय किए जा चुके हैं। वर्तमान में, बिहार में लगभग 1.15 लाख घरेलू PNG कनेक्शन चालू हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पिछले दो महीनों में 70 नए औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ता जोड़े गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप मार्च की तुलना में अप्रैल में दैनिक गैस बिक्री में 27% की वृद्धि हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

एलपीजी आपूर्ति और लंबित आवेदन
बैठक में राज्य भर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरण की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में वर्तमान में औसतन 3,59,391 सिलेंडरों की दैनिक रिफिल आपूर्ति होती है और औसत डिलीवरी बैकलॉग 4.33 दिनों का है। अधिकारियों ने कहा कि वितरण में देरी को ‘युद्ध स्तर’ पर कम करने के प्रयास जारी हैं। प्रवर्तन अभियानों के तहत:
- 30,500 गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया गया।
- 29,663 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
- 2,333 अवैध सिलेंडर जब्त किए गए।
- आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 40 मामले दर्ज किए गए।
- 154 एफआईआर दर्ज की गईं।
बैठक के दौरान, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य भर में लंबित 31,774 PNG कनेक्शन आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने गैस वितरण कंपनियों को अतिरिक्त जनशक्ति तैनात करने, ठेकेदारों की भागीदारी बढ़ाने और ‘मिशन मोड’ में लंबित मामलों को निपटाने का निर्देश दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पेट्रोल-डीजल की स्थिति और अन्य निर्देश
अधिकारियों ने CMG को सूचित किया कि बिहार के सभी 3,590 पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। समीक्षा में मार्च 2026 की तुलना में डीजल की बिक्री में 10% की वृद्धि दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण चल रहे कृषि मौसम के दौरान कृषि मांग है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और गेल सहित तेल कंपनियों ने सरकार को ईंधन की निर्बाध उपलब्धता का आश्वासन दिया।
मुख्य सचिव ने कैमूर, सीवान, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण जैसे गैर-गैस-सप्लाई वाले जिलों के जिलाधिकारियों को सिटी गेट स्टेशनों और जिला नियामक स्टेशनों से संबंधित भूमि संबंधी मुद्दों को हल करने का निर्देश दिया। उन्होंने मधुबनी में लंबित वन मंजूरी के लिए तत्काल समन्वय का भी आदेश दिया। राज्य सरकार ने दूरसंचार टावरों और बुनियादी ढांचा निर्माण परियोजनाओं के लिए डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। निर्माण गतिविधियों में लगे श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों की पर्याप्त बाजार उपलब्धता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। बैठक के समापन पर, प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार में पेट्रोलियम उत्पादों या एलपीजी आपूर्ति के संबंध में ‘कोई तीव्र या गंभीर संकट’ नहीं है और सभी प्रणालियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं।
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