
Bihar Air Connectivity: बिहार में हवाई यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खबर है! राज्य सरकार ने पूर्वी भारत में बिहार को एविएशन हब बनाने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नागर विमानन विभाग और सिविल विमानन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पर विस्तृत चर्चा की है, जिसका लक्ष्य अगले 5 साल में राज्य की एयर कनेक्टिविटी को दस गुना बढ़ाना है।
जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों के विकास और आधुनिकीकरण, हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार, सुरक्षा ढांचे का विकास, उड़ान योजना सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान, पटना एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार, दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की संभावनाओं और अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Bihar Air Connectivity के लिए सरकार का मास्टर प्लान
पूर्णिया हवाई अड्डे के स्थाई सिविल एन्क्लेव का निर्माण, मुजफ्फरपुर-वाल्मीकिनगर, सहरसा और बीरपुर हवाई अड्डों का विकास, संशोधित उड़ान योजना के अंतर्गत बिहार को प्राथमिकता, अतिरिक्त हवाई अड्डों को उड़ान योजना में शामिल करना, और फारबिसगंज हवाई अड्डे के अपग्रेडेशन जैसे मामलों पर भी गहरी चर्चा हुई। राज्य की हवाई पट्टियों को तकनीकी मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सिविल विमानन विभाग इस विस्तृत योजना पर तेजी से काम करे। इसके तहत हवाई अड्डा विकास और आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि बिहार में नागरिक उड्डयन का तेजी से विकास हो रहा है। हम सबका उद्देश्य अगले 5 साल में बिहार एयर कनेक्टिविटी को दस गुना बढ़ाना है। राज्य सरकार सभी जिलों में एयर कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। सरकार का लक्ष्य पूर्वी भारत में बिहार को एक क्षेत्रीय एविएशन हब के रूप में विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पटना एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार और उसकी क्षमता में बढ़ोतरी को लेकर तेजी से काम करें, जिसमें राज्य सरकार नागर विमानन मंत्रालय को पूरा सहयोग देगी। दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिल जाने से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि बिहार को एक अग्रणी नागरिक उड्डयन केंद्र के रूप में विकसित करना है, जहां सुरक्षित, निर्बाध और टिकाऊ हवाई संपर्क हो। राज्य में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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