
Opium Seizure: रेलवे में ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में मालदा डिवीजन में एक बड़ी कार्रवाई की गई, जहाँ चलती ट्रेन से लाखों की अफीम पकड़ी गई और दो तस्करों को भी धर दबोचा गया। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत हुई।
भारतीय रेल मार्ग के माध्यम से मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) सक्रिय है। इसी क्रम में, आरपीएफ सीआईबी मालदा और सीडीपीएस मालदा की एक संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। टीम ने ट्रेन डाउन ब्रह्मपुत्र मेल पर बड़हरवा रेलवे स्टेशन पर विशेष जांच और निगरानी अभियान चलाया।
अफीम ज़ब्ती: कैसे हुई धरपकड़?
ट्रेन के कोच संख्या बी-5 में यात्रियों की सघन जांच के दौरान, दो संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित कर रोका गया। उनकी गहन तलाशी में एक व्यक्ति के पास से दो पैकेटों में छिपाकर रखी गई लगभग 2.1 किलोग्राम संदिग्ध अफीम बरामद की गई। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित अवैध बाजार कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। यह Opium Seizure रेल मार्ग से होने वाली ड्रग्स तस्करी पर एक बड़ा प्रहार है।
दोनों आरोपियों को बरामद मादक पदार्थ के साथ आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपीएस बड़हरवा को सौंप दिया गया है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन नारकोस’ नामक विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रेल मार्ग से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी ढंग से रोक लगाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
रेलवे की लगातार कार्रवाई
यह महत्वपूर्ण सफलता रेलवे सुरक्षा बल (RPF) मालदा मंडल ने मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मंडल सुरक्षा आयुक्त आशिम कुमार कुल्लू के पर्यवेक्षण में हासिल की है।
रेलवे लगातार ऐसे अभियानों के जरिए देश को मादक पदार्थों से मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इस तरह की Opium Seizure न सिर्फ तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरती हैं बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







