Ritu Jaiswal BJP: बिहार की सियासत में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की तेजतर्रार नेता और कभी लालू-तेजस्वी की करीबी मानी जाने वाली ‘मुखिया दीदी’ रितु जायसवाल ने अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। इसे राजद के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर मिथिलांचल में उनकी सक्रियता को देखते हुए।
रितु जायसवाल ने मंगलवार को पटना स्थित भाजपा कार्यालय के अटल सभागार में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी और मंत्री दिलीप जायसवाल भी मौजूद रहे। राजनीतिक गलियारों में इसे राष्ट्रीय जनता दल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। रितु जायसवाल को मिथिलांचल की सक्रिय और प्रभावशाली महिला नेताओं में गिना जाता है।
राजद से सफर और ‘मुखिया दीदी’ का उदय
रितु जायसवाल का राजनीतिक सफर जनता दल यूनाइटेड (JDU) से शुरू हुआ था, जिसके बाद वह राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हुईं। राजद में उन्हें महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता जैसी अहम जिम्मेदारियां मिलीं। 2021 से 2023 तक वह राजद की प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहीं और टीवी डिबेट्स में पार्टी का मुखर पक्ष रखती थीं।

2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने परिहार सीट से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें मामूली अंतर से हार मिली थी। इसके बावजूद लालू परिवार का उन पर भरोसा कायम रहा। 2024 के लोकसभा चुनाव में राजद ने उन्हें शिवहर सीट से उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने जदयू की लवली आनंद को कड़ी टक्कर दी और लगभग 4.47 लाख वोट हासिल किए, हालांकि लगभग 29 हजार वोटों से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
टिकट कटने से बढ़ी दूरी, अब नई राह
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से टिकट कटना रितु जायसवाल और राजद नेतृत्व के बीच दूरी की बड़ी वजह बना। पार्टी ने इस सीट से वरिष्ठ नेता रामचंद्र पूर्वे की बहू को उम्मीदवार बनाया, जिससे नाराज होकर रितु ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने करीब 64 हजार वोट हासिल किए, जिसका सीधा नुकसान राजद को उठाना पड़ा और पार्टी को वह सीट गंवानी पड़ी। इस घटनाक्रम के बाद राजद ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। यह घटना बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ लाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Ritu Jaiswal BJP में क्यों?
रितु जायसवाल के भाजपा में शामिल होने से बिहार के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की उम्मीद है। राजद के भीतर उनका मुखर और प्रभावशाली व्यक्तित्व अक्सर चर्चा में रहता था। भाजपा ने उन्हें ऐसे समय में अपने पाले में लिया है जब पार्टी 2025 विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति मजबूत कर रही है। उनका मिथिलांचल क्षेत्र में खासा प्रभाव है, जिससे भाजपा को उस इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिल सकती है। यह कदम निश्चित तौर पर बिहार की राजनीति में भाजपा की स्थिति को और मजबूत करेगा। Ritu Jaiswal BJP में शामिल होकर अब एक नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर रही हैं, जो आने वाले समय में बिहार की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।








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