Bihar MLC Election News: बिहार विधान परिषद चुनाव की घोषणा होते ही प्रदेश में सियासी पारा चढ़ गया है. 10 सीटों पर होने वाले इस चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के नामों पर आंतरिक सहमति बन चुकी है.
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने इस संबंध में बताया कि एनडीए के भीतर सीटों को लेकर आपसी सहमति है और उम्मीदवारी तय करने में भी कोई विवाद नहीं है. समय पर सीट और उम्मीदवार तय कर लिए जाएंगे.
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NDA में सीटों का बंटवारा और उम्मीदवारों पर मंथन
जानकारी के अनुसार, NDA में कुल 10 सीटों में से जदयू को चार और भाजपा को तीन सीटें मिलने की संभावना है. एक सीट राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को और एक सीट चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को मिल सकती है.
भाजपा के उम्मीदवारों का फैसला दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की बैठक में होगा, जिसकी अंतिम मुहर अगले सप्ताह संसदीय समिति की बैठक में लगेगी. वहीं, जदयू के उम्मीदवारों के नाम पटना में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार वरिष्ठ नेताओं की सलाह से तय करेंगे.
भाजपा किसे दे सकती है तवज्जो?
भाजपा में तीन सीटों के लिए कई दावेदार हैं. खासकर अतिपिछड़ी जातियों के नेताओं में ज्यादा कसक है, जिनके समाज का अभी तक उपरी सदन में कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला है. इनमें कुम्हार (प्रजापति), माली (मालाकार) और पासी समाज प्रमुख हैं. भाजपा ने यादव समाज के नेताओं को भी विधान परिषद में भेजने पर विचार नहीं किया है.
जदयू, रालोमो और लोजपा के संभावित उम्मीदवार
जदयू के भीतर एक सीट पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का उम्मीदवार बनना तय माना जा रहा है. बाकी की तीन सीटों के लिए कई नामों पर मंथन चल रहा है. सूत्रों के अनुसार, पार्टी एक अल्पसंख्यक नेता को उपरी सदन भेज सकती है, जबकि दो अन्य सीटों में से एक अतिपिछड़ा और एक कोइरी-कुशवाहा समाज को प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है.
रालोमो से मंत्री दीपक प्रकाश को उम्मीदवार बनाया जाएगा. दीपक प्रकाश राज्य सरकार में निशांत कुमार के बाद दूसरे ऐसे मंत्री हैं, जिन्हें किसी भी सदन की सदस्यता हासिल नहीं है. संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें छह महीने के भीतर विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है. इधर, लोजपा में भी कई दावेदार सक्रिय हैं.
राजद की रणनीति और संभावित चेहरे
राजद अपने 25 विधायकों के बल पर एक सीट पर जीत हासिल कर सकता है. हालांकि, राज्यसभा चुनाव के दौरान राजद के सभी विधायकों के वोट उसके उम्मीदवार को नहीं मिल पाए थे. पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद के सिंगापुर जाने से पहले उम्मीदवार के नाम तय कर लिए जाएंगे. राजद में सुनील सिंह के अलावा पूर्व मंत्री और पार्टी के दलित चेहरे शिवचंद्र राम के नाम की भी चर्चा है.
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