बिहार बस किराया: आज से बिहार में बस का सफर महंगा हो गया है। निजी और सरकारी, दोनों तरह की बसों ने किराया बढ़ा दिया है। सिटी बसों से लेकर लंबी दूरी की यात्राओं तक, यात्रियों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। यह महंगाई का सीधा बोझ आम लोगों पर डालेगा।
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कितना बढ़ा बसों का किराया?
सोमवार से लागू हुई नई दरों के अनुसार, सरकारी सिटी बसों के किराये में 1 रुपये से लेकर 15 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, लंबी दूरी की सरकारी बसों में यह बढ़ोतरी 20 रुपये से 100 रुपये तक है। निजी बसों ने लंबी दूरी के मार्गों पर 20 रुपये से लेकर 200 रुपये तक का इजाफा किया है। घोषित दरों में मुजफ्फरपुर जाने वाली निजी नॉन-एसी बसों के किराये में सबसे कम 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह 130 रुपये से बढ़कर 150 रुपये हो गया है। सबसे अधिक 200 रुपये की बढ़ोतरी पटना से टाटा जाने वाली निजी एसी स्लीपर बस के किराये में हुई है, जो अब 1000 रुपये से बढ़कर 1200 रुपये हो गई है।
क्या कहते हैं प्रमंडलीय अध्यक्ष?
बिहार स्टेट मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के प्रमंडलीय अध्यक्ष चंदन कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिन रूटों के लिए बढ़े हुए किराए तय हो गए हैं, उन्हें सोमवार से ही लागू कर दिया गया है। सरकारी बसों के लंबी दूरी के नए किराए भी सोमवार से कुछ रूटों पर लागू होने की संभावना है। इस वृद्धि से बस से सफर अब आम आदमी के लिए और महंगा हो गया है।
पटना से अन्य जिलों के लिए नया किराया
पटना से सरकारी बस की नई दरों की बात करें तो, रक्सौल के लिए अब आपको 418 रुपये चुकाने होंगे। इसके अलावा, मोतिहारी के लिए 319 रुपये, मुजफ्फरपुर के लिए 161 रुपये, बेतिया के लिए 403 रुपये, नवादा के लिए 234 रुपये, बिहारशरीफ के लिए 161 रुपये और सीतामढ़ी के लिए 282 रुपये देने पड़ेंगे। इसके साथ ही, पटना से चलने वाली निजी एसी और नॉन-एसी बसों के किराये में भी बढ़ोतरी की गई है।
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यह किराया वृद्धि आम लोगों के बजट पर सीधा असर डालेगी, खासकर उन यात्रियों के लिए जो दैनिक या साप्ताहिक आधार पर लंबी दूरी की यात्रा करते हैं।







