Darbhanga Makhana News: भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) सोमवार एक जून से लागू हो गया। इस समझौते पर दोनों देशों ने 18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षर किए थे।
पहले ही दिन देश के विभिन्न बंदरगाहों से शून्य शुल्क पर ओमान के लिए निर्यात की 10 खेप रवाना हुई। अमेरिका के बाद ओमान के साथ द्विपक्षीय समझौता करने वाला भारत दूसरा देश बन गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ओमान के साथ सीईपीए होने से खाड़ी के विभिन्न देशों के साथ पूर्वी अफ्रीका के देशों को भी भारतीय सामान को आसानी से भेजा जा सकेगा। कृषि से लेकर एमएसएमई और युवाओं को इस समझौते से विशेष लाभ मिलेगा। ऐसे में दरभंगा जिले के मखाना उत्पादकों और हस्तशिल्पियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत और ओमान के बीच हुए नए व्यापार समझौते से अब खाड़ी देशों में मखाना के निर्यात का रास्ता आसान हो गया है। इस ऐतिहासिक कदम से स्थानीय किसानों और उद्यमियों की आय में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इस समझौते के लागू होने से दरभंगा में मखाना व्यवसाय को एक नई गति मिलने की उम्मीद है। मखाना के साथ-साथ यहाँ के हस्तशिल्प उत्पादों की पहुँच भी ओमान और अन्य खाड़ी देशों के बाजारों तक आसानी से हो पाएगी। यह पहल किसानों और कुटीर उद्योग से जुड़े लोगों के लिए आय बढ़ाने का एक सुनहरा अवसर लेकर आई है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
दरभंगा के सांसद और लोकसभा में भाजपा के सचेतक, डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने भी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के भारत-ओमान समझौते के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस समझौते से दरभंगा जिले से मखाना का निर्यात बढ़ेगा। इससे मखाना उत्पादक किसानों और इससे जुड़े उद्यमियों की आय में वृद्धि होगी, जो जिले की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगा।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
डॉ. ठाकुर ने इस समझौते पर गहरा हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि अब मिथिला के स्वादिष्ट मखाना का लुत्फ ओमान समेत खाड़ी देशों के लोग भी उठा सकेंगे। यह समझौता न केवल व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी माध्यम बनेगा।







