Bhagalpur Balika Sashaktikaran News: भागलपुर के कहलगांव में एनटीपीसी ने बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत की है। ‘बालिका सशक्तिकरण अभियान’ नाम की यह पहल कंपनी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका उद्देश्य न केवल लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ाना है, बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सफल बनाने के लिए आवश्यक कौशल भी प्रदान करना है।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।इस महत्वपूर्ण ‘बालिका सशक्तिकरण अभियान’ का शुभारंभ एनटीपीसी (प्रचालन) के निदेशक रवींद्र कुमार ने किया। उनके साथ संयुक्त महिला समिति की वरिष्ठ सदस्य चंदना कुमारी और परियोजना प्रमुख रवींद्र पटेल भी मौजूद थे। कहलगांव के ऐतिहासिक अंग भवन में दीप प्रज्वलित कर इस सराहनीय पहल की शुरुआत की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया। यह अभियान बालिकाओं के भविष्य को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम का संचालन एनटीपीसी कहलगांव की पीआरओ प्रिया कुमारी ने बेहद कुशलता से किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में एनटीपीसी के निदेशक रवींद्र कुमार ने अभियान के उद्देश्यों और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह पहल बालिकाओं के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएगा।
बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प
निदेशक कुमार ने स्पष्ट किया कि ‘बालिका सशक्तिकरण अभियान’ एनटीपीसी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) गतिविधियों का एक अभिन्न अंग है। इसका मुख्य लक्ष्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें जीवन के लिए आवश्यक कौशल से लैस करना और उनमें उच्च आकांक्षाएं जगाना है। यह कार्यक्रम सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें सामाजिक और भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाएगा।इस पहल के तहत बालिकाओं को विभिन्न शैक्षिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। इसमें डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता, आत्मरक्षा और संचार कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। इन कौशलों के माध्यम से उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और समाज में अपनी पहचान बनाने में मदद मिलेगी। यह एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां वे अपनी क्षमताओं को पहचान सकेंगी।एनटीपीसी का यह प्रयास सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक बालिका को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर मिले। उन्हें रूढ़िवादी सोच से बाहर निकलकर अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह अभियान बालिकाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करने पर जोर देता है।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंउद्घाटन समारोह में स्थानीय विद्या भवन और बाल भवन के बच्चों ने अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। इन मनमोहक प्रस्तुतियों में गीत, नृत्य और नाटक शामिल थे, जिन्होंने कार्यक्रम में एक नई ऊर्जा भर दी।इन प्रस्तुतियों ने यह भी दर्शाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपार प्रतिभा छिपी हुई है, जिसे सही मंच और प्रोत्साहन की आवश्यकता है। यह अभियान ऐसे ही बच्चों को अपनी कला और कौशल को निखारने का अवसर प्रदान करेगा। बच्चों के प्रदर्शन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया।एनटीपीसी कहलगांव का यह अभियान स्थानीय समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने का एक बड़ा प्रयास है। इसका उद्देश्य सिर्फ बालिकाओं को सशक्त करना नहीं है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को इसके लाभ से अवगत कराना भी है। एक सशक्त बालिका एक सशक्त समाज का निर्माण करती है।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
एनटीपीसी का सामुदायिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान
यह अभियान केवल शिक्षा और कौशल विकास तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बालिकाओं को सामाजिक रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सचेत किया जाएगा, जिससे वे समाज में एक सक्रिय और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें। यह पहल उन्हें सशक्तिकरण की राह पर आगे बढ़ाएगी।इस पहल के तहत बालिकाओं को विभिन्न कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। ये कार्यक्रम उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेंगे। यह NTPC Kahalgaon CSR का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो सामुदायिक विकास और सामाजिक उत्थान पर केंद्रित है। एनटीपीसी का यह कदम समाज के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।कार्यक्रम का समापन अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) कहलगांव, भास्कर गुप्ता ने किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और स्थानीय प्रशासन को सफल आयोजन के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया। गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान आने वाले समय में हजारों बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उन्हें उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर करेगा। यह सिर्फ एक शुरुआत है, जिसका दूरगामी प्रभाव देखने को मिलेगा।







