Bhagalpur Jardalu Mango News: भागलपुर का विश्व प्रसिद्ध जर्दालू आम एक बार फिर देश की सर्वोच्च हस्तियों को अपनी मिठास से लुभाने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में अपनी खास पहचान बना चुका यह विशिष्ट आम जल्द ही दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित कई गणमान्य व्यक्तियों तक पहुंचाया जाएगा। यह बिहार की कृषि विरासत और गौरव का प्रतीक है।
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राष्ट्रपति भवन तक पहुंचेगी बिहार की शाही सौगात
बिहार सरकार की यह अनूठी परंपरा हर साल की तरह इस बार भी पूरी मुस्तैदी के साथ निभाई जा रही है। कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारी इस विशिष्ट सौगात को दिल्ली भेजने की तैयारियों में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में शुरू हुई यह प्रथा राज्य की समृद्ध कृषि पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है।
यह पहल न केवल जर्दालू आम को एक विशेष पहचान दिलाती है, बल्कि देश के शीर्ष नेताओं को बिहार की मिट्टी की मिठास से परिचित कराती है। यह सिलसिला पिछले लगभग दो दशकों से अनवरत जारी है, जो राज्य के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। इस वर्ष भी, इस सम्मानजनक परंपरा को पूरे उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
‘मैंगो मैन’ अशोक चौधरी का विशेष योगदान
दिल्ली भेजे जाने वाले इस विशेष आम की पैदावार भागलपुर के तिलकपुर स्थित ‘मधुवन नर्सरी’ में होती है। इस नर्सरी के संचालक प्रगतिशील किसान और रिसर्चर अशोक चौधरी हैं, जिन्हें स्थानीय रूप से ‘मैंगो मैन’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने जर्दालू आम की विभिन्न किस्मों और उसकी गुणवत्ता पर वर्षों तक गहन शोध किया है, जिसके परिणामस्वरूप उनके बाग के आमों की मांग देश भर में बनी रहती है।
अशोक चौधरी का योगदान Bihar Agriculture News के लिए भी एक प्रेरणा है, क्योंकि उन्होंने अपनी मेहनत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस आम की पहचान को और मजबूत किया है। उनकी नर्सरी से चुने गए आमों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान रखा जाता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक आम सर्वोच्च मानकों पर खरा उतरे, जो इस शाही सौगात के महत्व को दर्शाता है।
दिल्ली रवाना होने की अंतिम चरण की तैयारी
प्रशासनिक स्तर पर इस शाही सौगात को भेजने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उद्यान विभाग के अधिकारी मोहम्मद खलिल अहमद और किसान अशोक कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों के तहत लगभग 100 क्विंटल बेहतरीन जर्दालू आम की पैकेजिंग की जा रही है। यह प्रक्रिया अत्यंत सावधानी और गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए पूरी की जा रही है।
लगभग 50 क्विंटल आम की पहली खेप पहले ही पटना के बियाडा पैक हाउस भेज दी गई है। शेष 50 क्विंटल आम की छंटाई और पैकिंग का कार्य अधिकारियों की सीधी देखरेख में चल रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आम पूरी तरह से परिपक्व और दोषरहित हों। सभी गुणवत्ता जांचों में खरे उतरने के बाद, बुधवार को पटना के बिहटा से यह पूरी खेप दिल्ली के लिए रवाना कर दी जाएगी, ताकि यह ताजा और स्वादिष्ट अवस्था में गणमान्य व्यक्तियों तक पहुंचे।
जीआई टैग प्राप्त जर्दालू आम की अनूठी पहचान
जीआई टैग प्राप्त भागलपुर का जर्दालू आम अपनी बेमिसाल खुशबू, सुपाच्य प्रकृति और लाजवाब स्वाद के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। कृषि विशेषज्ञों का दावा है कि अपनी विशिष्ट खूबियों के कारण यह आम रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। इसके अलावा, इसकी प्राकृतिक मिठास और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के चलते, सीमित मात्रा में मधुमेह के मरीज भी इसका आनंद ले सकते हैं, जो इसे अन्य आमों से अलग बनाता है।
यह आम बिहार की मिट्टी और जलवायु की अनुपम देन है, जिसकी खेती सदियों से भागलपुर क्षेत्र में होती आ रही है। इसकी वैश्विक पहचान ने स्थानीय किसानों के लिए नए अवसर खोले हैं। यह सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि बिहार की कृषि विरासत और स्वाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे पूरे देश में सराहा जाता है।
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यह पहल न केवल भागलपुर के जर्दालू आम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाती है, बल्कि बिहार के किसानों को भी प्रेरित करती है। यह दर्शाता है कि कैसे स्थानीय उत्पादों को उचित प्रोत्साहन और पहचान मिलने पर वे राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर अपनी जगह बना सकते हैं। यह बिहार की समृद्ध कृषि परंपरा को बनाए रखने और उसे बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का भी एक उदाहरण है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है।







