Darbhanga Flood News: दरभंगा जिले में आगामी बाढ़ और सुखाड़ से निपटने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। जिला प्रभारी सचिव राजेश कुमार ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत करने पर जोर दिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
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दरभंगा समाहरणालय स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव-सह-जिला प्रभारी सचिव, राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2026 में संभावित बाढ़ और सुखाड़ से निपटने की पूर्व तैयारियों का विस्तृत जायजा लेना था। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले की वर्तमान तैयारियों से प्रभारी सचिव को अवगत कराया।
आपदा से निपटने को पुख्ता इंतजाम
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी राहत और बचाव कार्य समय पर पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, सलीम अख्तर से जिले में उपलब्ध पॉलिथीन शीट्स, लाइफ जैकेट, नावों की संख्या, आपदा मित्र और बाढ़ आश्रय स्थलों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि जिले में वर्तमान में कुल 34,497 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध हैं, और वर्ष 2026 व 2027 के लिए इनकी निविदा प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि एसडीआरएफ की एक टीम मनीगाछी प्रखंड में स्थायी रूप से तैनात है। आपदा के दौरान जीआर राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लाभुकों के आधार सत्यापन को शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया गया। जिले में 18 सरकारी नावें मौजूद हैं, जबकि 126 निजी नाव मालिकों के साथ भी एकरारनामा किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, दो महाजाल, 179 टेंट, 139 लाइफ जैकेट, 236 प्रशिक्षित गोताखोर, खोज-बचाव राहत दल, मोटर बोट चालक और 229 आपदा मित्र भी उपलब्ध हैं।
प्रधान सचिव ने सभी कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को तटबंधों का सत्यापन करने का निर्देश दिया। उन्होंने बांधों पर बालू के बैग तैयार करने और उनकी गुणवत्ता की जांच अपर समाहर्ता से कराने के भी निर्देश दिए। संवेदनशील बिंदुओं को चिन्हित कर वहां पर्याप्त मात्रा में बालू के बैग सुरक्षित रखने को कहा गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उनका उपयोग किया जा सके।
पेयजल और पशुधन की सुरक्षा पर विशेष जोर
प्रभारी सचिव ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता को चापाकलों की मरम्मत के लिए टीमों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने खराब और चालू चापाकलों की सूची तैयार कर कनीय अभियंता और सहायक अभियंता के माध्यम से सत्यापन कराने को कहा। 10 जून तक सभी खराब चापाकलों को दुरुस्त करने और वाटर टैंकों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि पशु चारा की आपूर्ति के लिए निविदा और दर निर्धारण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पशुओं के उपचार हेतु 38 प्रकार की दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जिले के 18 प्रखंडों में स्थित 37 पशु चिकित्सालयों को चिकित्सा शिविर संचालन के लिए चिन्हित किया गया है। संभावित बाढ़ और सुखाड़ के दौरान पशु शिविर संचालित करने के लिए प्रखंडवार 87 स्थलों का चयन किया गया है। प्रभारी सचिव ने उप विकास आयुक्त को पशुपालन विभाग के दवा स्टॉक की जांच करने का निर्देश दिया।
उन्होंने पशुओं को लगाए जाने वाले टीकों के संबंध में भी जानकारी ली और जिला पशुपालन अधिकारी को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे पशुपालकों को काफी लाभ मिल सके। उन्होंने सभी प्रकार के वैक्सीन की उपलब्धता की भी समीक्षा की। सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग के वरीय पदाधिकारी को पेंशनभोगियों का जीवन प्रमाणीकरण 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कराने और वंचित लोगों को पेंशन दिलाने का निर्देश दिया गया।
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स्वास्थ्य सेवाएँ और अंतर-विभागीय समन्वय
कृषि इनपुट योजना के लंबित आवेदनों का निष्पादन करने का निर्देश जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ को दिया गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बाढ़ अवधि के दौरान मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु 23 प्रकार की जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध हैं। प्रखंड स्तर पर 23 चलंत चिकित्सा दल और पंचायत स्तर पर 333 चिकित्सा दलों का गठन किया जा चुका है।
प्रभारी सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा प्रबंधन की सभी तैयारियां समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरी की जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आम जनता को तत्काल सहायता मिल सके। इस बैठक में अपर समाहर्ता राजस्व, अपर समाहर्ता जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, अपर समाहर्ता विभागीय जांच, उप निदेशक जनसंपर्क, सिविल सर्जन और जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







