Bhagalpur Police News: भागलपुर के बरारी घाट पर ड्यूटी के दौरान महिला होमगार्ड जवानों द्वारा सोशल मीडिया रील बनाने का मामला सामने आया है। इस घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इन जवानों का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे फिल्मी गानों पर रील्स बनाती दिख रही हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यह मामला उस समय का है जब विक्रमशिला पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इस वजह से आम जनता के लिए आवागमन में भारी परेशानी हो रही थी। जिला प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए बरारी घाट से नवगछिया के बीच लोगों को नदी पार कराने के लिए नाव सेवा शुरू की थी। इस वैकल्पिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घाट व नावों पर पुलिस बल, विशेषकर होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई थी।
वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो महिला होमगार्ड जवान अपनी निर्धारित ड्यूटी के घंटों के दौरान नाव पर मनोरंजन के लिए रील बना रही हैं। उनके बैकग्राउंड में एक पंजाबी गाना और बॉलीवुड के सदाबहार गायक मोहम्मद रफी का मशहूर गीत ‘ओ फिरकीवाली तू कल फिर आना’ बज रहा है। यह कृत्य सीधे तौर पर बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग के संबंध में जारी किए गए सख्त दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इस घटना ने पुलिस के पेशेवर आचरण पर एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
ड्यूटी पर रील्स: क्यों बनी, क्या है इसका असर?
पुलिस कर्मियों द्वारा ड्यूटी पर इस तरह के मनोरंजक वीडियो बनाना एक गंभीर विषय है। पुलिस मुख्यालय ने पहले भी कई बार साफ तौर पर कहा है कि ड्यूटी के समय वर्दी में ऐसे वीडियो बनाना, विभाग की गरिमा के खिलाफ है। इससे जनता के बीच पुलिस की छवि एक गंभीर और विश्वसनीय बल के बजाय मनोरंजन करने वाले समूह की बन सकती है, जो बिल्कुल भी वांछनीय नहीं है।
इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में तेजी से हलचल बढ़ गई है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अब इस वायरल वीडियो का संज्ञान ले रहे हैं और मामले की पूरी पड़ताल की जा रही है। ऐसी उम्मीद है कि इन महिला होमगार्ड जवानों के खिलाफ जल्द ही कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
भागलपुर के सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला उनके संज्ञान में आ चुका है और इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। सिटी एसपी ने आगे बताया कि चूँकि ये महिला होमगार्ड जवान हैं, इसलिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर बिहार पुलिस की निर्धारित पॉलिसी और नियमों का अगर उल्लंघन हुआ है, तो उनके खिलाफ विधि सम्मत और उचित कार्रवाई अवश्य की जाएगी। यह घटना देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें के लिए एक नया उदाहरण बन सकती है।
पुलिस के लिए सोशल मीडिया उपयोग के नियम और दंड
बिहार समेत देश के कई राज्यों के पुलिस विभागों ने अपने कर्मियों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हुए हैं। इन नियमों के तहत, कोई भी पुलिसकर्मी अपनी निर्धारित ड्यूटी के दौरान, सरकारी कार्यालय परिसर में, थाना या पुलिस लाइन जैसे संवेदनशील स्थानों पर, अपनी आधिकारिक वर्दी में रहते हुए किसी भी प्रकार की रील, शॉर्ट वीडियो या अन्य मनोरंजक सामग्री का निर्माण नहीं कर सकता है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की पेशेवर छवि को बनाए रखना और अनुशासन भंग होने से रोकना है।
पुलिस मुख्यालय का यह मानना है कि ऐसी गैर-पेशेवर गतिविधियाँ न केवल विभाग की गंभीरता और समर्पण को कम करती हैं, बल्कि इससे बल के भीतर अनुशासनहीनता को भी बढ़ावा मिलता है। यह जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। नियमों का स्पष्ट उल्लंघन करने की स्थिति में, संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जैसे लाइन हाजिर करना, उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि को रोकना, या आवश्यकता पड़ने पर निलंबन तक का प्रावधान किया गया है। यह घटना
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
को लेकर भी महत्वपूर्ण है।
डीजीपी का कड़ा संदेश: नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं
बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने इस मुद्दे पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने दोहराया है कि पुलिस कर्मियों के लिए निर्धारित सोशल मीडिया नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी अधिकारी या जवान के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, चाहे उनका पद कुछ भी हो। डीजीपी ने याद दिलाया कि पहले भी इस तरह के कई मामलों में पुलिस विभाग द्वारा त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा चुकी है।
डीजीपी ने सभी पुलिस कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में भी यदि कोई पुलिसकर्मी इन स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इस ताजा घटना ने एक बार फिर से पुलिस बल के भीतर नियमों के पालन और व्यावसायिकता बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर किया है। यह दर्शाता है कि पुलिसकर्मी होने के नाते उन्हें अपने व्यवहार में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर जब वे ड्यूटी पर हों।







