बिहार एलपीजी प्राइस न्यूज: केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को लेकर एक अहम जानकारी साझा की है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर कंपनियों को अभी भी लगभग 700 रुपये प्रति सिलेंडर का घाटा उठाना पड़ रहा है, जिसे ‘अंडर-रिकवरी’ कहा जाता है। यह स्थिति तब है जब हाल के समय में घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर के दामों में वृद्धि देखी गई है।
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव आया है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। इस अवधि में घरेलू सिलेंडर के दाम में लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि वाणिज्यिक सिलेंडर करीब 1700 रुपये तक महंगे हो गए हैं। इसके बावजूद कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है।
देशभर में एलपीजी की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। विभिन्न राज्यों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अलग-अलग है। कुछ क्षेत्रों में यह 900 रुपये के आसपास उपलब्ध है, जबकि कई राज्यों में यह आंकड़ा 1,000 रुपये के पार जा चुका है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
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महानगरों में एलपीजी सिलेंडर के दाम और अंतर क्यों?
राजधानी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है, वहीं आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी कीमत 912.50 रुपये है। चेन्नई में उपभोक्ता 928.50 रुपये का भुगतान कर रहे हैं, जबकि कोलकाता में यह 939 रुपये में उपलब्ध है। हालांकि, इन चारों महानगरों में कीमतों का अंतर सीमित है, लेकिन राज्यों के स्तर पर यह तस्वीर काफी बदल जाती है।
दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में सिलेंडर अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल रहा है। उदाहरण के लिए, मुंबई और दिल्ली के ग्राहक बिहार की तुलना में लगभग 100 रुपये कम में एलपीजी सिलेंडर खरीद रहे हैं। यह असमानता मुख्य रूप से राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए विभिन्न करों, परिवहन लागत और स्थानीय वितरण शुल्क के कारण पैदा होती है, जो हर राज्य में अलग-अलग होते हैं।
देश में सबसे महंगा एलपीजी सिलेंडर कहां उपलब्ध है?
देश में सबसे महंगा घरेलू एलपीजी सिलेंडर बेचने वाले राज्यों में जम्मू-कश्मीर और बिहार प्रमुख हैं। जम्मू कश्मीर एलपीजी प्राइस न्यूज के अनुसार, पुलवामा में एक सिलेंडर की कीमत 1028 रुपये है, जो कि सर्वाधिक महंगी कीमतों में से एक है। वहीं, बिहार की राजधानी पटना में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 1,011 रुपये में मिल रहा है, जो देश के प्रमुख शहरों में शामिल है जहां दाम 1000 रुपये से अधिक हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यह कीमत 950.50 रुपये है, जबकि तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में उपभोक्ताओं को 965 रुपये प्रति सिलेंडर चुकाने पड़ रहे हैं। इसके अलावा, ओडिशा के भुवनेश्वर में 939 रुपये, झारखंड के रांची में 970.50 रुपये और अंडमान एवं निकोबार के पोर्ट ब्लेयर में 989 रुपये में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध है। यह दर्शाता है कि भौगोलिक स्थिति और राज्य नीतियां सीधे तौर पर सिलेंडर की अंतिम कीमत को प्रभावित करती हैं।
हाल ही में 1 जून से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दामों में 42 रुपये से लेकर 53.50 रुपये तक की वृद्धि की गई है। दिल्ली में व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गई है। हालांकि, इस वृद्धि का सीधा असर घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर नहीं पड़ा है, जिससे करोड़ों परिवारों को फिलहाल राहत मिली है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू एलपीजी की कीमतें वर्तमान में नियंत्रित बनी हुई हैं, जिसका श्रेय सरकार की नीतियों और सब्सिडी को जाता है। यह आम जनता के लिए एक बड़ी राहत है, खासकर ऐसे समय में जब महंगाई एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालांकि, होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल गैस महंगी होने के कारण अपनी लागत में वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है, जिसका असर उनके उत्पादों और सेवाओं की कीमतों पर भी दिख सकता है।
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