Darbhanga News: दरभंगा के डूबने का Begusarai Drowning News: गंगा स्नान बना मातम: बेगूसराय में ननद-भाभी डूबी, एक की डूबने से मौत, श्राद्ध कर्म के बाद शुद्धिकरण में बड़ा हादसा! परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। Darbhanga Family Tragedy लोगों के मन में हमेशा के लिए एक दर्दनाक स्मृति छोड़ गई है। गंगा नदी में स्नान के दौरान ही मौसम अचानक खराब हो गया। तेज आंधी चलने लगी और झमाझम बारिश शुरू हो गई, जो मौत बनकर आई।
: दरभंगा जिले के एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब गंगा स्नान का कार्यक्रम मातम में बदल गया। परिवार के सदस्य अपने एक दिवंगत परिजन के श्राद्ध कर्म के बाद शुद्धिकरण के लिए बेगूसराय के सिमरिया घाट पहुंचे थे, लेकिन वहां दो महिलाओं की गंगा नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों में गहरा शोक व्याप्त है।
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जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना बिशनपुर थाना क्षेत्र के एक परिवार के साथ हुई। लक्ष्मण महतो की मां के निधन के उपरांत श्राद्ध कर्म संपन्न हुए थे। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए, परिवार के लगभग चालीस सदस्य पवित्र गंगा में स्नान कर शुद्धिकरण के लिए बेगूसराय के प्रसिद्ध सिमरिया घाट पहुंचे थे। शनिवार का दिन था और परिवार के सभी सदस्य स्नान की तैयारी कर रहे थे।
अधिकांश परिजनों ने गंगा स्नान कर लिया था और वे घाट से बाहर आ चुके थे। इसी दौरान, परिवार की दो महिलाएं – श्रवण महतो की पुत्री 17 वर्षीय सुंदरी कुमारी उर्फ मुस्कान और अरुण महतो की पत्नी 24 वर्षीय मन्नू देवी – अभी भी नदी में थीं। परिवार के अन्य सदस्य भी उनके पास ही मौजूद थे, लेकिन प्रकृति ने अचानक क्रूर करवट ली।
बेगूसराय में गंगा स्नान के दौरान अचानक बिगड़ा मौसम, बना मौत का कारण
गंगा नदी में स्नान के दौरान ही मौसम अचानक खराब हो गया। तेज आंधी चलने लगी और झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस आकस्मिक बदलाव के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा और बहाव भी काफी तेज हो गया। देखते ही देखते, सुंदरी कुमारी और मन्नू देवी तेज बहाव की चपेट में आ गईं और गहरे पानी में बहती चली गईं। परिजनों ने उन्हें बचाने की लाख कोशिशें कीं, लेकिन पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके।
हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। सभी लोग बदहवास होकर अपनी महिलाओं को ढूंढने लगे। काफी देर तक चले अथक प्रयासों के बाद, सुंदरी कुमारी उर्फ मुस्कान का शव गंगा नदी से बरामद कर लिया गया। शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। हालांकि, मन्नू देवी का देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिल पाया था, और उनकी तलाश लगातार जारी है।
प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप, बचाव कार्य में देरी से लोगों में आक्रोश
इस गंभीर घटना के बाद परिजनों ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, घटना की सूचना तत्काल पुलिस और प्रशासन को दी गई थी, लेकिन घटनास्थल पर सहायता पहुंचने में काफी देर हो गई। परिवार का कहना है कि करीब दो घंटे बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद ही एसडीआरएफ और गोताखोरों को बुलाया जा सका। इस देरी से बचाव कार्य में बाधा आई और लोगों का आक्रोश बढ़ गया।
फिलहाल, घटना के बाद एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और स्थानीय गोताखोरों की टीम गंगा नदी में लगातार सघन सर्च ऑपरेशन चला रही है। मन्नू देवी को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पानी के तेज बहाव और लगातार बिगड़ते मौसम के कारण बचाव दल को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। देर रात तक भी उनका कोई पता नहीं चल पाया था।
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यह दर्दनाक घटना देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें दरभंगा के उस परिवार पर आई है, जिसने कुछ ही दिन पहले अपने एक बुजुर्ग सदस्य को खोया था। श्राद्ध कर्म की समाप्ति के बाद जहां घर में शुद्धिकरण और सामान्य होने की उम्मीद थी, वहीं इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। ननद और भाभी की एक साथ हुई यह दुखद मौत पूरे गांव के लिए एक बड़ी त्रासदी बन गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। यह Darbhanga Family Tragedy लोगों के मन में हमेशा के लिए एक दर्दनाक स्मृति छोड़ गई है।
इस हादसे ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा और बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके। परिवार की स्थिति देखकर हर कोई स्तब्ध है और जल्द से जल्द लापता महिला के मिलने की दुआ कर रहा है।







