Madhubani Minister News: बिहार में एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जब राज्य सरकार के एक मंत्री के काफिले पर बड़ा हमला किया गया। श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद इस जानलेवा हमले में बाल-बाल बचे हैं। उन्होंने इस घटना के पीछे सीधे तौर पर शराब माफिया का हाथ होने का आरोप लगाया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
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हमले का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, रविवार को मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड स्थित ठाहर गांव में यह घटना हुई। मंत्री अरुण शंकर प्रसाद भोला राय के पिता के निधन और सड़क हादसे में मृत जुगे ठाकुर के बेटे कृष्ण कुमार के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीण महिलाओं ने उनके काफिले पर अचानक हमला कर दिया।
हमलावरों ने बांस, बल्ले और पत्थरों का इस्तेमाल किया, जिससे मंत्री के वाहन का शीशा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, मंत्री के सुरक्षाकर्मी पूरी तरह मुस्तैद थे। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए मंत्री को सुरक्षित वहां से निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। हमलावरों की पहचान की जा रही है और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच शुरू कर दी है। मंत्री के बयान के बाद पुलिस भी शराब माफियाओं की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस महकमे में हड़कंप और जांच
मंत्री के काफिले पर हुए हमले की खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीआईजी मनोज कुमार तिवारी, एसपी योगेंद्र कुमार और सदर एसडीपीओ कामिनी कौशल समेत भारी संख्या में पुलिस बल कलुआही थाना पहुंचा। आला अधिकारियों ने मंत्री से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली।
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान हमले के पीछे एक गहरी साजिश की आशंका जताई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह हमला शराब माफिया द्वारा प्रायोजित था और उन्हीं के इशारे पर इसे अंजाम दिया गया है। यह आरोप Bihar Liquor Mafia News में एक नया मोड़ ला रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने मंत्री को आश्वस्त किया कि घटना को अंजाम देने वाले सभी अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कठोर सजा दिलाने का भी भरोसा दिलाया। पुलिस फिलहाल उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है।
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घटना के बाद मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की और बताया कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। वे कलुआही थाने से सीधे पटना के लिए रवाना हो गए। सुरक्षा बलों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए मंत्री को सुरक्षित बाहर निकाला था।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि घटना में शामिल सभी उपद्रवियों की पहचान के लिए जांच चल रही है। जांच पूरी होते ही सभी दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नए सिरे से सवाल खड़े करती है और सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है। देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई कर पाती है।
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