Darbhanga Exam News: बिहार गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग में अधिनायक लिपिक के पद पर होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर दरभंगा प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। 10 जून 2026 को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए जिले के सभी 18 केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह कदम परीक्षा को स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि हजारों परीक्षार्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके और उनकी मेहनत बेकार न जाए। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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परीक्षा केंद्रों पर धारा 163 क्यों लागू?
जिला दण्डाधिकारी, दरभंगा श्री कौशल कुमार के आदेश पर अनुमण्डल दण्डाधिकारी, सदर विकास कुमार ने यह निषेधाज्ञा जारी की है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता परीक्षा के सफल और कदाचारमुक्त संचालन के लिए यह अत्यंत आवश्यक है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य परीक्षा हॉल के बाहर किसी भी तरह की अव्यवस्था, भीड़-भाड़ या अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकना है, जिससे परीक्षा की पवित्रता बनी रहे। यह सख्त कदम उन प्रयासों का हिस्सा है जो बिहार में परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे हैं।
यह निषेधाज्ञा 10 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चलने वाली परीक्षा अवधि के दौरान प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत निर्धारित दंड शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और परीक्षा को सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। परीक्षा से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स से सहयोग की अपील की गई है।
क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?
अनुमण्डल दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्र के आसपास 100 मीटर के दायरे में कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध लागू किए गए हैं। शांति भंग करने के इरादे से पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों का इकट्ठा होना पूरी तरह से मना है। इसके साथ ही, आग्नेयास्त्र, अन्य घातक हथियार और विस्फोटक सामग्री लेकर चलना भी प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी की व्यवस्था की है कि कोई भी बाहरी तत्व या असामाजिक तत्व परीक्षा प्रक्रिया को बाधित न कर सके और परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह कदम परीक्षा केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने में भी सहायक होगा।
इसके अतिरिक्त, सुबह 07:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) के प्रयोग पर भी पूर्ण पाबंदी रहेगी। यह कदम परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के शोरगुल से बचने और परीक्षार्थियों को एकाग्रता बनाए रखने में मदद करने के लिए उठाया गया है। परीक्षा केंद्रों के भीतर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। परीक्षार्थियों और परीक्षा से संबंधित अन्य सभी व्यक्तियों को मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, वाई-फाई गैजेट, इलेक्ट्रॉनिक पेन, पेजर, व्हाइटनर, इरेज़र, ब्लेड, सेल्युलर फोन और अन्य कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग न कर सके। बिहार गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग में अधिनायक लिपिक की यह भर्ती परीक्षा राज्य भर में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, इसलिए कदाचार रोकने के लिए यह सख्ती अनिवार्य है।
यह परीक्षा दरभंगा जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों में आयोजित की जाएगी। इनमें बीकेडी राजकीय बालक उच्च विद्यालय जिला स्कूल दरभंगा, प्लस टू एमएल एकेडमी ब्लॉक बी लहेरियासराय दरभंगा, सीएम साइंस कॉलेज लालबाग दरभंगा, एमएलएसएम कॉलेज दरभंगा, सीएम कॉलेज किलाघाट दरभंगा, प्लस टू एमएल एकेडमी ब्लॉक ए लहेरियासराय दरभंगा, महारानी कल्याणी कॉलेज लहेरियासराय दरभंगा, के एस कॉलेज लहेरियासराय दरभंगा, प्लस टू सफी मुस्लिम उच्च विद्यालय लहेरियासराय दरभंगा, प्लस टू राज उच्च विद्यालय हसन चौक दरभंगा, प्लस टू देश रत्न डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद बालिका उच्च विद्यालय लालबाग दरभंगा, सुंदरपुर उच्च विद्यालय बेला सुंदरपुर बेला लहेरियासराय दरभंगा और उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय कबीर चौक दरभंगा जैसे कुल 18 केंद्र शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाएगी।
हालांकि, इस आदेश से कुछ श्रेणियों के लोगों को छूट दी गई है ताकि सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो। परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारी, आरक्षी और सैन्य बल के कर्मचारी, जो परीक्षा संचालन कार्य में नियुक्त हैं, वे इन प्रतिबंधों के दायरे से बाहर रहेंगे। साथ ही, सरकारी या प्रशासन द्वारा जारी पास धारक, शवयात्रा में शामिल व्यक्ति और शादी-विवाह के कार्यक्रमों में शामिल लोगों पर भी यह निषेधाज्ञा शिथिल रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि बिना किसी बाधा और विवाद के यह महत्वपूर्ण परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो, जिससे योग्य उम्मीदवार चयनित हो सकें।
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दरभंगा जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पूरी तरह से पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर उम्मीदवार को अपनी योग्यता साबित करने का समान और स्वच्छ अवसर मिले। प्रशासन की इस सख्ती से परीक्षा की गरिमा बनाए रखने में मदद मिलेगी और भावी अधिकारियों का चयन योग्यता के आधार पर हो सकेगा।







