Bihar Cabinet News: 8 जून 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में कुल 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर राज्य के किसानों, शहरी नागरिकों, बुजुर्गों और उद्योग जगत पर पड़ेगा। सरकार ने सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, ग्रामीण रोजगार, शहरी विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े फैसले किए हैं।
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किसानों और ग्रामीण विकास को मिली प्राथमिकता
गोपालगंज स्थित सासामुसा शुगर वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड के पुनः संचालन का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने पूर्ववर्ती पेराई सत्रों के गन्ना किसानों के बकाया मूल्य भुगतान के लिए 42.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से वर्षों से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और मिल के पुनरुद्धार का मार्ग भी प्रशस्त होगा, जिससे स्थानीय रोजगार और गन्ना उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण विकास विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव के तहत विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) को बिहार में लागू करने की मंजूरी दी गई है। यह योजना 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।
जल संसाधन विभाग की इकरानाला पम्प नहर योजना के शेष कार्यों के लिए 251.55 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस कार्य में सिविल निर्माण, मैकेनिकल कार्य, विद्युत व्यवस्था और SCADA सिस्टम शामिल हैं, जिससे सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार की मदद से विभिन्न योजनाओं हेतु 770.66 करोड़ रुपये के उपयोग और निकासी की स्वीकृति मिली है। यह राशि तटबंध निर्माण, नदी प्रबंधन और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा जैसे बाढ़ नियंत्रण कार्यों पर खर्च होगी, जो बिहार के लिए हर साल की चुनौती है।
सिंधवरणी जलाशय योजना तथा उससे निकलने वाली उच्चस्तरीय मुख्य नहर के पुनर्स्थापन के लिए भी 196.89 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे सिंचाई नेटवर्क मजबूत होगा, किसानों को पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी। राष्ट्रीय सहकारी निर्यात संस्था (NCEL) के लिए बिहार में BISCOAMUN को राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी बनाया गया है, जिससे कृषि निर्यात बढ़ेगा और सहकारी संस्थाओं को बाजार मिलेगा।
राज्य के किसानों के लिए एक और बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को रबी 2026-27 से पुनः लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला Bihar Farmers News के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है, जो किसानों को फसल नुकसान पर बीमा सुरक्षा प्रदान करेगा और प्राकृतिक आपदा से राहत देकर कृषि जोखिम को कम करने में सहायक होगा।
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Bihar Cabinet News: शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल प्रशासन में सुधार
AMRUT 2.0 के तहत बिहार के शहरों को कई बड़ी सौगातें मिली हैं। किशनगंज I&D और STP परियोजना के लिए 101.63 करोड़ रुपये, जलापूर्ति परियोजना के लिए 131.88 करोड़ रुपये, बेगूसराय सीवरेज नेटवर्क और STP के लिए 375.86 करोड़ रुपये, तथा सहरसा जलापूर्ति परियोजना के लिए 127.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सीवेज प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छ शहरी वातावरण और घर-घर पेयजल उपलब्ध कराना है।
परिवहन विभाग के दो प्रस्तावों को मंजूरी मिली है, जिसमें पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग नीति में बदलाव किया गया है। सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग SOP में संशोधन और निजी वाहनों के लिए RVSF स्क्रैपिंग व्यवस्था में भी संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य पुरानी गाड़ियों का वैज्ञानिक निस्तारण, प्रदूषण नियंत्रण और सड़क सुरक्षा में सुधार करना है।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग और केंद्र सरकार के बीच जल जीवन मिशन 2.0 के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी गई है। यह ग्रामीण पेयजल व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति और जल गुणवत्ता सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। NIC द्वारा विकसित Bihar SNA-SPARSH सॉफ्टवेयर के लिए अगले दो वर्षों हेतु 5.75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसका उपयोग डिजिटल भुगतान ट्रैकिंग और सरकारी योजनाओं की निगरानी में होगा।
राज्य सरकार के सभी विभागों में नई ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली लागू करने को भी मंजूरी मिली है। यह पारदर्शिता बढ़ाने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया को सुगम बनाने में सहायक होगा। इसके अतिरिक्त, IIT पटना रिसर्च पार्क के निर्माण कार्य और IIT पटना इन्क्यूबेशन सेंटर फेज-2 के हॉस्टल व इन्क्यूबेशन सुविधाओं के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है। इससे स्टार्टअप इकोसिस्टम, शोध एवं नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक सशक्तिकरण
कैबिनेट का सबसे बड़ा सामाजिक कल्याण निर्णय सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ा है। मई, जून और जुलाई 2026 की पेंशन भुगतान के लिए 3662.09 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी दिव्यांग पेंशन, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिहार निशक्तता पेंशन और मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन जैसी योजनाएं शामिल हैं, जिनसे लाखों लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार तत्कालीन जिला अवर निबंधक श्री मणिरंजन के विरुद्ध सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई को मंजूरी दी गई है। वहीं, कैबिनेट ने संशोधित नियमावली को मंजूरी देते हुए स्टाम्प सेवा प्रदाताओं की अधिकतम क्रेडिट सीमा 10 लाख रुपये निर्धारित की है। वाणिज्य कर विभाग में क्षेत्रीय लिपिकीय सेवा भर्ती, पदोन्नति और सेवा शर्त नियमावली 2011 में भी संशोधन को मंजूरी मिली है।
स्वास्थ्य विभाग ने बिहार क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट नियमावली 2026 को मंजूरी दी है, जो निजी एवं सरकारी चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण और नियमन से जुड़ी है। राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद (SIPB) को सिंगल नोडल एजेंसी के रूप में अधिक शक्तियां प्रदान की गई हैं, जिससे निवेश प्रस्तावों की तेजी से मंजूरी मिलेगी और Ease of Doing Business में सुधार होगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की बिहार काश्तकारी (संशोधन) नियमावली 2026 को भी स्वीकृति मिली है, जिससे भूमि प्रशासन में सुधार होगा और राजस्व व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
Bihar Cabinet News: प्रमुख फैसले एक नजर में
| क्र. | विभाग | फैसला | राशि |
|---|---|---|---|
| 1 | गन्ना उद्योग | सासामुसा चीनी मिल किसानों का बकाया भुगतान | ₹42.99 करोड़ |
| 2 | ग्रामीण विकास | विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन | 1 जुलाई 2026 से लागू |
| 3 | जल संसाधन | इकरानाला पम्प नहर योजना | ₹251.55 करोड़ |
| 4 | जल संसाधन | बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम | ₹770.66 करोड़ |
| 5 | जल संसाधन | सिंधवरणी जलाशय पुनर्स्थापन | ₹196.89 करोड़ |
| 6 | नगर विकास | किशनगंज I&D एवं STP | ₹101.63 करोड़ |
| 7 | नगर विकास | जलापूर्ति परियोजना | ₹131.88 करोड़ |
| 8 | नगर विकास | बेगूसराय सीवरेज नेटवर्क एवं STP | ₹375.86 करोड़ |
| 9 | नगर विकास | सहरसा जलापूर्ति परियोजना | ₹127.45 करोड़ |
| 10-11 | परिवहन | स्क्रैपिंग नीति एवं SOP संशोधन | — |
| 12 | निबंधन | अवर निबंधक पर कार्रवाई | — |
| 13 | निबंधन | स्टाम्प सेवा प्रदाता क्रेडिट सीमा | ₹10 लाख |
| 14 | PHED | जल जीवन मिशन 2.0 MoU | — |
| 15 | वाणिज्य-कर | सेवा नियमावली संशोधन | — |
| 16 | वित्त | Bihar SNA-SPARSH | ₹5.75 करोड़ |
| 17 | सहकारिता | BISCOAMUN को नोडल एजेंसी | — |
| 18 | सहकारिता | PMFBY की वापसी | रबी 2026-27 |
| 19 | IT | ई-प्रोक्योरमेंट 2.0 | — |
| 20 | IT | IIT पटना रिसर्च पार्क | — |
| 21 | IT | IIT पटना इन्क्यूबेशन सेंटर फेज-2 | — |
| 22 | समाज कल्याण | सामाजिक सुरक्षा पेंशन | ₹3662.09 करोड़ |
| 23 | स्वास्थ्य | क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट नियमावली 2026 | — |
| 24 | उद्योग | SIPB को अतिरिक्त अधिकार | — |
| 25 | राजस्व | बिहार काश्तकारी नियमावली 2026 | — |
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
8 जून 2026 की कैबिनेट बैठक बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है। किसानों, शहरी विकास, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस पर विशेष ध्यान दिया गया है। PM फसल बीमा योजना की वापसी, AMRUT 2.0 परियोजनाएं और IIT पटना से संबंधित निर्णय राज्य के भविष्य के विकास को नई दिशा देंगे।






