Bihar News: बिहार में बड़ा ऐलान: लाखों पेंशनभोगियों को राहत, मई, जून और जुलाई महीने की पेंशन राशि जारी करने का अहम फैसला: सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और जन कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में कुल 25 प्रस्तावों को मंजूरी मिली, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में बड़े बदलाव आने की उम्मीद है। सरकार ने विकास परियोजनाओं को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से कई वित्तीय और नीतिगत निर्णय लिए हैं। इन फैसलों का सीधा असर लाखों नागरिकों के जीवन पर पड़ेगा।
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सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर सरकार का बड़ा कदम
राज्य सरकार ने छह अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मई, जून और जुलाई महीने की पेंशन राशि जारी करने का मार्ग प्रशस्त किया गया है। इस मद में 3662 करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे लाखों बुजुर्गों, विधवाओं और अन्य पात्र लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी। सरकार का मानना है कि यह निर्णय वित्तीय स्थिरता प्रदान करेगा और कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत देगा। यह फैसला Bihar Social Security Pension योजना के तहत आने वाले सभी लाभार्थियों के लिए बेहद अहम है।
बाढ़ प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
कैबिनेट ने बाढ़ प्रबंधन, सीमावर्ती क्षेत्रों में नदी नियंत्रण कार्यों और भूमि अधिग्रहण से संबंधित योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर लगभग 770.66 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है। सरकार का मुख्य लक्ष्य बाढ़ प्रभावित इलाकों में जोखिम को कम करना और नदी तटों की सुरक्षा को मजबूत करना है, ताकि जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाया गया है। कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के एक प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए बिना बेड वाले ओपीडी क्लीनिक, डिस्पेंसरी, डेंटल क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटरों को भी बिहार राज्य नैदानिक स्थापना नियमावली के दायरे में लाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से इन स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी और संचालन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही में सुधार आने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, गोपालगंज के सासामुसा क्षेत्र से जुड़े एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है, जिसके तहत 42 करोड़ 99 लाख रुपये के भुगतान को मंजूरी दी गई है। यह फैसला क्षेत्र में लंबित कार्यों और परियोजनाओं को गति देने में सहायक होगा।
भूमि मापी शुल्क और सिंचाई योजनाओं में बदलाव
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कैबिनेट ने भूमि मापी शुल्क में वृद्धि का निर्णय लिया है। सरकार का तर्क है कि बदलती प्रशासनिक जरूरतों और सेवाओं की लागत को देखते हुए शुल्क संरचना में संशोधन आवश्यक था। हालांकि, नई दरों का विस्तृत विवरण संबंधित विभाग द्वारा जल्द ही अलग से जारी किया जाएगा। इस फैसले से राजस्व संग्रह में वृद्धि होने की संभावना है, जिसका उपयोग विभिन्न विकास कार्यों में किया जा सकेगा।
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सिंचाई और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी एक अहम प्रस्ताव पर मुहर लगी। कैबिनेट ने डकरानाला पंप नहर योजना के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए 251.55 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना के पूरा होने से सिंचाई सुविधाओं को मजबूती मिलेगी और किसानों को भरपूर लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। इसके अलावा, राज्यभर में 1 जुलाई से ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ लागू करने का निर्णय भी लिया गया है। सरकार का दावा है कि यह योजना विकास और जन कल्याण से जुड़े विभिन्न लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सहायक होगी और समावेशी विकास सुनिश्चित करेगी।
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कैबिनेट के इन फैसलों को आगामी वित्तीय और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ये निर्णय बिहार के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे, जिससे राज्य के समग्र उत्थान में मदद मिलेगी।






