Bihar RJD News: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता शिवचंद्र राम को विधान परिषद (MLC) का टिकट नहीं मिलने से सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। टिकट न मिलने से आहत होकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त की और भावुक होकर पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। इस घटना ने राजद के आंतरिक कलह को उजागर किया है, जिससे पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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राजद में टिकट को लेकर घमासान: नेता का छलका दर्द
शिवचंद्र राम ने राजद के शीर्ष नेतृत्व पर उपेक्षा और भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ। उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए यह भी बताया कि पार्टी के फैसले से वह बहुत दुखी हैं और उनके साथ हुए इस व्यवहार से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उनका यह कदम राजद के भीतर मची खींचतान की ओर इशारा करता है, जहां कुछ नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शिवचंद्र राम के समर्थन में खुलकर बयान दिया और राजद पर तीखा हमला बोला। मांझी ने कहा कि राजद द्वारा शिवचंद्र राम जैसे समर्पित नेता के साथ किया गया यह व्यवहार कोई नई बात नहीं है। यह घटना पार्टी के अंदरूनी विरोधाभासों को दर्शाता है।
मांझी का राजद पर तीखा हमला: लगाए गंभीर आरोप
जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनता दल की राजनीति केवल उन स्थानों पर सक्रिय दिखाई देती है, जहाँ उन्हें राजनीतिक या वित्तीय लाभ की संभावना नजर आती है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के पास “मोटा माल” (पैसा) नहीं होता, वे राजद नेतृत्व को खुश नहीं कर पाते। मांझी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि गरीब और दलित समाज के लोगों के लिए राजद में कोई स्थान नहीं है, क्योंकि वे पार्टी के नेताओं की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पाते। इस तरह Jitan Ram Manjhi News ने बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ले लिया है।
केंद्रीय मंत्री ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि SC/ST वर्ग की जमीनों पर सबसे अधिक अवैध कब्जे के मामले राजद से जुड़े लोगों के खिलाफ ही सामने आते रहे हैं। मांझी के अनुसार, जो लोग गरीबों की जमीन तक को नहीं छोड़ते, उनसे किसी भी सकारात्मक उम्मीद की कल्पना करना मुश्किल है। उन्होंने ऐसे नेताओं के चरित्र पर भी सवाल उठाए।
दलितों की जमीन हड़पने का आरोप: गरमाई बिहार की सियासत
मांझी ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि शिवचंद्र राम के साथ राजद ने जो किया है, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा इस कठिन समय में शिवचंद्र राम के साथ खड़ी है। मांझी का यह बयान राजद के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब आगामी चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। उनके आरोपों से बिहार की दलित राजनीति में भी उबाल आ गया है।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि बिहार की राजनीति में जातिगत समीकरण और टिकट वितरण को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। शिवचंद्र राम का इस्तीफा और जीतन राम मांझी का समर्थन, दोनों ही राजद के लिए चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। आने वाले समय में देखना होगा कि राजद इस स्थिति से कैसे निपटती है और क्या शिवचंद्र राम का यह कदम अन्य असंतुष्ट नेताओं को भी पार्टी छोड़ने के लिए प्रेरित करेगा।
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इस घटना ने राजद के भीतर बड़े बदलावों की संभावनाओं को जन्म दिया है। यह न केवल पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि आगामी चुनावों में उसके प्रदर्शन पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






