Darbhanga Crime News: बिहार के दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। भवानीपुर गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके परिजनों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है, जिसके बाद पुलिस ने मृतका के पति एवं सास को हिरासत में लिया है।
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जानकारी के अनुसार, यह घटना 8 जून की रात की है। महिला की मौत की खबर मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई, लेकिन टीम के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था, जिससे मौत के कारणों पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
मंगलवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष बसंत कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। प्रारंभिक जांच के आधार पर, पुलिस ने मृतका के पति अजय चौपाल और सास सोनी देवी को हिरासत में लिया है। उनसे घटना के संबंध में बारीकी से पूछताछ की जा रही है।
बेटी ने किया दर्दनाक खुलासा
इस पूरे प्रकरण में सबसे दर्दनाक पहलू मृतका की नौ वर्षीय बेटी रौशनी कुमारी का बयान है। रौशनी ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम उसके माता-पिता के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसकी मां ने कथित तौर पर जहर खा लिया और अपनी गर्दन पर ब्लेड से वार भी कर लिया।
रौशनी के अनुसार, परिजन उसकी मां को शिवदाहा स्थित एक निजी क्लिनिक ले गए थे, लेकिन वहां इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद, रात के अंधेरे में, परिवार ने जल्दबाजी में महिला के शव का अंतिम संस्कार कर दिया, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे।
गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीण मौत के पीछे के वास्तविक कारणों को लेकर असमंजस में हैं और पुलिस की जांच पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
मासूम बच्चों का भविष्य और परिवार का निर्णय
मृतका के मायके पक्ष के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं। समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र के कुसैया गांव से आई मृतका की बड़ी भाभी जानकी देवी ने सिंहवाड़ा थाना पहुंचकर पुलिस को अपनी स्थिति से अवगत कराया।
जानकी देवी ने बताया कि उनकी ननद के तीन मासूम बच्चे हैं – नौ वर्षीय रौशनी, आठ वर्षीय रौशन और छह वर्षीय रोहन। ये बच्चे अपनी मां को खोने के बाद लगातार बिलख रहे हैं, और उनका भविष्य अब पूरी तरह से उनके पिता अजय चौपाल के कंधों पर आ गया है।
बच्चों के नाजुक भविष्य और उनके पालन-पोषण की जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए, मायके वालों ने एक बड़ा और भावनात्मक फैसला लिया है। उन्होंने पुलिस को सूचित किया है कि वे इस मामले में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य बच्चों के जीवन को और अधिक उथल-पुथल से बचाना है।
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हालांकि, सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि भले ही मायके पक्ष कानूनी कार्रवाई से पीछे हट गया हो, पुलिस अपनी तरफ से मामले की गहन जांच जारी रखेगी। यह Bihar Police Investigation सुनिश्चित करेगी कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और शव को आनन-फानन में जलाने जैसे गंभीर तथ्यों की पूरी सच्चाई सामने आए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी पहलुओं की जांच पूरी नहीं हो जाती और मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक जांच जारी रहेगी। हिरासत में लिए गए पति और सास से पूछताछ जारी है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।







