Darbhanga Crime News: दरभंगा सिविल कोर्ट ने हत्या, प्राणलेवा हमला और पुलिस पर हमले जैसे संगीन मामलों में कई आरोपियों की जमानत अर्जियों को खारिज कर दिया है। यह फैसला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीशों की विभिन्न अदालतों द्वारा सुनाया गया है, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया है और न्याय की उम्मीदें बढ़ी हैं। इन निर्णयों ने न्यायिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास को और मजबूत किया है।
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हत्या के दो संगीन मामलों में जमानत अर्जी खारिज
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने हत्या के एक मामले में काराधीन अभियुक्त राहुल पासवान की जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया है। राहुल पासवान बहादुरपुर थानाकांड संख्या 410/25 में आरोपी हैं। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने अदालत को बताया कि 3 सितंबर 2025 की शाम करीब 7 बजे, बहादुरपुर थानाक्षेत्र के डरहार स्थित मोहिनी चौक के पास, अभियुक्तों ने सूर्यनारायण यादव को घेरकर ईंट-पत्थरों से गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
इलाज के दौरान डीएमसीएच में घायल सूर्यनारायण यादव की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में राहुल पासवान 23 अप्रैल 2026 से न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं, एडीजे आदिदेव की अदालत ने भी हत्या के एक अन्य मामले में कमतौल थानाक्षेत्र के ब्रह्मपुर गांव निवासी विकास कुमार ठाकुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। विकास कुमार ठाकुर 4 फरवरी 2026 से जेल में बंद हैं।
लोक अभियोजक झा ने बताया कि 1 फरवरी 2026 की सुबह कमतौल के कोटपट्टी गांव में अलाव ताप रहे हरिशंकर शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के संबंध में कमतौल थानाकांड संख्या 25/26 दर्ज किया गया है। इन दोनों ही मामलों में अदालत ने अभियुक्तों को जमानत देने से इनकार कर दिया है, जो एक कड़ा संदेश देता है।
पुलिस पर हमला और प्राणलेवा वार: अग्रिम जमानत नामंजूर
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष पाण्डेय की अदालत ने पुलिस बल पर हमला करने के आरोप में दर्ज सिंहवाड़ा थानाकांड संख्या 135/26 के तीन आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज कर दी है। इन आरोपियों में आरती देवी, शंकर भगत और लालबाबू भगत शामिल हैं। पुलिस पर हमला एक गंभीर अपराध माना जाता है, और अदालत ने इस पर सख्त रुख अपनाया है।
इसके अतिरिक्त, एडीजे भूपेंद्र सिंह की अदालत ने प्राणलेवा हमला करने के आरोप में दर्ज फेकला थानाकांड संख्या 42/26 के चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका नामंजूर कर दी है। जिन आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज हुई है, उनमें मो. कुरबान, हाफिज अब्दुल रहमान, मो. मेहफूज और इफ्तेखार उर्फ मो. इफ्तेखार के नाम शामिल हैं। इन फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि अदालत गंभीर अपराधों के प्रति कोई नरमी नहीं बरतेगी।
मनीगाछी मामले में भी नहीं मिली राहत
एडीजे उपेंद्र कुमार की अदालत ने मनीगाछी थानाकांड संख्या 07/25 के एक आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज कर दी है। इस मामले में आरोपी उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के न्यू कॉलोनी बराज निवासी पीकअप चालक सूरज कुमार जायसवाल हैं। उन पर गश्ती के दौरान पुलिस बल पर पिस्तौल से फायरिंग करने, चोरी का प्रयास करने और अन्य गंभीर धाराओं के तहत आरोप हैं। अदालत ने इन गंभीर आरोपों को देखते हुए उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है।
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दरभंगा सिविल कोर्ट के इन कड़े फैसलों से यह साफ है कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इन निर्णयों से पूरे देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बिहार क्राइम न्यूज़ में एक सकारात्मक संदेश गया है कि न्यायपालिका गंभीर अपराधों के मामलों में कठोरता से पेश आ रही है, जिससे समाज में अपराध कम होने की उम्मीद है।







