Patna Nagar Nigam News: पटना नगर निगम ने शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब शहर के सभी बड़े कचरा उत्पादकों (बल्क वेस्ट जनरेटरों) को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पोर्टल पर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। निगम ने इसके लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
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प्रशिक्षण में शामिल हुए बड़े संस्थान
इस पहल के तहत, निगम ने गुरुवार को अपने मुख्यालय में एक प्रशिक्षण और हैंडहोल्डिंग कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य चिन्हित प्रतिष्ठानों को CPCB पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरा करने में मदद करना था। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का लक्ष्य अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का अनुपालन मजबूत करना और बड़े कचरा उत्पादक प्रतिष्ठानों की निगरानी में सुधार करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत कानूनी दायित्वों और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर मार्गदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों ने CPCB के केंद्रीकृत पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का प्रदर्शन किया और प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए तकनीकी और प्रक्रियात्मक सवालों के जवाब दिए।
इस कार्यक्रम में IGIMS, रुबन अस्पताल, पारस अस्पताल, कुर्जी फैमिली अस्पताल, ताज होटल, चाणक्य होटल और सिटी सेंटर मॉल सहित लगभग 35 प्रमुख संस्थानों और प्रतिष्ठानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण सत्र का नेतृत्व जर्मनी की विकास सहयोग एजेंसी GIZ से जुड़े विशेषज्ञ बी सौरभ ने किया, जो CPCB के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के सलाहकार भी हैं।
क्या हैं बल्क वेस्ट जनरेटर के नियम और क्यों है रजिस्ट्रेशन अनिवार्य?
अधिसूचित मानदंडों के अनुसार, ऐसे प्रतिष्ठान जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस कचरा पैदा करते हैं, प्रतिदिन कम से कम 40,000 लीटर पानी का उपभोग करते हैं, या जिनका निर्मित क्षेत्र 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है, उन्हें बल्क वेस्ट जनरेटर (BWGs) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इस श्रेणी में बड़े आवासीय परिसर, शॉपिंग मॉल, वाणिज्यिक भवन, होटल, अस्पताल, मैरिज हॉल, शैक्षणिक संस्थान और अन्य बड़े प्रतिष्ठान शामिल हैं। बल्क वेस्ट जनरेटरों को तीन व्यापक श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
- संस्थागत: सरकारी और निजी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य संस्थागत परिसर।
- वाणिज्यिक: रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल, हवाई अड्डे, शॉपिंग मॉल, होटल, अस्पताल, नर्सिंग होम, छात्रावास, सभागार, रेस्तरां, फूड कोर्ट और मैरिज हॉल।
- आवासीय: रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs), बड़ी हाउसिंग सोसाइटियाँ और आवासीय परिसर।
Patna Nagar Nigam News: पटना नगर निगम ने अब तक 53 बल्क वेस्ट जनरेटरों की पहचान की है और अतिरिक्त पात्र प्रतिष्ठानों को रजिस्ट्रेशन ढांचे के तहत लाने के लिए अपना सर्वेक्षण जारी रखे हुए है। पात्र प्रतिष्ठानों को CPCB के केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया निःशुल्क है। रजिस्ट्रेशन के बाद, निगम के अधिकारी पोर्टल पर जमा की गई जानकारी को सत्यापित करने के लिए साइट निरीक्षण करेंगे। निगम ने पात्र प्रतिष्ठानों को औपचारिक अधिसूचना की प्रतीक्षा किए बिना सक्रिय रूप से रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है।
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रजिस्ट्रेशन न कराने पर होगी कड़ी कार्रवाई
पटना नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जो प्रतिष्ठान रजिस्ट्रेशन कराने में विफल रहते हैं, उन्हें लागू अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क और दंड का सामना करना पड़ सकता है। अधिकारियों ने कहा कि उल्लंघन की प्रकृति के आधार पर 5,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर अतिरिक्त कार्रवाई भी हो सकती है, जिसमें कचरा संग्रह सेवाओं का निलंबन और अन्य वैधानिक उपाय शामिल हैं।
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