Patna Rapid Rail News: बिहार में जल्द ही यात्रियों को हाई-स्पीड यात्रा का अनुभव मिलेगा। राजधानी पटना से कई महत्वपूर्ण शहरों को रैपिड रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस पर काम शुरू करने का संकेत दिया है, जिससे प्रदेश के लाखों लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। यह कदम बिहार में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
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पटना से इन 4 शहरों तक दौड़ेगी रैपिड रेल
शुक्रवार को भाजपा नेता और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित एक मीडिया संवाद कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस संवाद को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि मोदी सरकार के केंद्र में आने के बाद से बिहार में रेलवे का जाल लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य के लगभग सभी प्रमुख रूटों पर अब वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री चौधरी के अनुसार, भारत सरकार ने अब बिहार में रैपिड रेल परियोजना शुरू करने का मन बना लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटना को गयाजी, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और राजगीर जैसे प्रमुख शहरों से हाई-स्पीड ट्रेन के माध्यम से जोड़ा जाएगा। यह पहल इन शहरों के बीच रोज़ाना यात्रा करने वाले लोगों, विशेषकर कामकाजी वर्ग के लिए अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
यात्रा का समय घटकर होगा महज 40 मिनट
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि वर्तमान में पटना से गयाजी पहुंचने में लगभग डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है। रैपिड रेल सेवा शुरू होने के बाद यह यात्रा महज 40 मिनट से भी कम समय में पूरी की जा सकेगी। इसी तरह, पटना और मुजफ्फरपुर के बीच सड़क मार्ग से भी यात्रा का समय अभी दो से ढाई घंटे लगता है, जो ट्रेन से भी अधिक है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि रैपिड रेल नेटवर्क से जुड़ने के बाद यह दूरी भी बेहद कम समय में तय हो जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण नालंदा जिले का राजगीर एक प्रमुख टूरिस्ट हब के रूप में विकसित हो रहा है। वहीं, बेगूसराय राज्य के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक बन गया है। इन दोनों शहरों को भी राजधानी पटना से रैपिड रेल के जरिए जोड़ा जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों का विकास और तेज़ गति से होगा। इन सभी मार्गों पर यात्रा का लक्ष्य 40 मिनट के अंदर पूरा करना रखा गया है।
रैपिड रेल नेटवर्क का मेट्रो से जुड़ाव
सीएम चौधरी ने इस परियोजना की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रैपिड रेल को मेट्रो और अन्य सड़क नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी मिल सकेगी और वे अपनी यात्रा को अधिक सुविधाजनक बना पाएंगे। यह योजना बिहार के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को एक आधुनिक परिवहन ढांचे के तहत लाने का एक बड़ा प्रयास है।
वर्तमान में, पटना और जयनगर के बीच “नमो भारत” नामक एक ट्रेन सेवा संचालित हो रही है। इसकी शुरुआत पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले की गई थी। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलती है और बाढ़, मोकामा, बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा, सकरी और मधुबनी जैसे स्टेशनों पर रुकती है। हालांकि, यह 266 किलोमीटर की दूरी लगभग पौने छह घंटे में पूरी करती है, जिसकी औसत गति 46 किलोमीटर प्रति घंटा है।
यह नमो भारत ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित है और यात्री बिना किसी पूर्व आरक्षण के सामान्य टिकट पर इसमें यात्रा कर सकते हैं। इसकी बाहरी बनावट वंदे भारत ट्रेनों जैसी ही है, लेकिन गति के मामले में यह रैपिड रेल से काफी पीछे है। इस ट्रेन को मुख्य रूप से उन यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू किया गया था जो रोजाना इन मार्गों पर यात्रा करते हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब बिहार में हाई-स्पीड रेल परिवहन का एक नया युग शुरू होने की उम्मीद है।
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