Patna Fire News: पटना के प्रतिष्ठित बिस्कोमान भवन की 13वीं मंजिल पर शनिवार तड़के सुबह भीषण आग लग गई। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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कैसे लगी आग और क्या-क्या जला?
अधिकारियों के मुताबिक, आग सबसे पहले सुबह करीब 4 बजे भवन के सुरक्षा गार्ड ने देखी। गार्ड ने 13वीं मंजिल पर धुआं फैलते देखा और जांच करने पर खिड़कियों से आग की लपटें निकलती देखीं। उन्होंने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही कई दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गईं। हालांकि, ऊंची इमारत होने के कारण दमकलकर्मियों को शुरुआत में आग बुझाने में काफी दिक्कतें आईं।
बाद में हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और लंबी पहुंच वाली क्रेनों का इस्तेमाल किया गया, जिससे दमकलकर्मी प्रभावित मंजिल तक पहुंच सके और आग को फैलने से रोका। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत की ऊपरी मंजिल से आग की लपटें उठती देखी जा रही थीं, जबकि दमकल गाड़ियों के सायरन की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। दमकलकर्मियों ने आग को इमारत के अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने के लिए अथक प्रयास किए।
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Beltron ऑफिस में भारी नुकसान, शॉर्ट सर्किट से आग की आशंका
कंकरबाग फायर स्टेशन के अग्निशमन अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि विभाग को सुबह आग लगने की सूचना मिली थी और तुरंत अग्निशमन दल को रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि भवन में पहले किए गए मॉक ड्रिल से आपात स्थिति को कुशलता से संभालने में मदद मिली। उन्होंने कहा, “आग पर काबू पा लिया गया है। आग लगने का सही कारण अभी तक निर्धारित नहीं किया जा सका है, लेकिन प्रथम दृष्टया यह शॉर्ट सर्किट के कारण लगी प्रतीत होती है।”
अग्निशमन अधिकारी रितेश पांडे ने बताया कि नियंत्रण कक्ष को सुबह करीब 3:45 बजे बिस्कोमान भवन की 13वीं मंजिल से धुआं निकलने की सूचना मिली थी। दमकलकर्मी पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गए और बचाव व आग बुझाने का अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए 15 से 16 दमकल गाड़ियों को लगाया गया था। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि प्रभावित मंजिल पर स्थित बेल्ट्रॉन कार्यालय को व्यापक नुकसान हुआ है।
खबर है कि आग की चपेट में आने से फॉल्स सीलिंग गिर गई, जबकि कई कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्नीचर, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य कार्यालय संपत्ति नष्ट हो गई। अब तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। अधिकारी वर्तमान में नुकसान की सीमा का आकलन कर रहे हैं और परिसर का सुरक्षा ऑडिट कर रहे हैं। आग लगने का सही कारण जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा।
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दहशत का माहौल और आपातकालीन प्रतिक्रिया
आसमान छूती आग की लपटों और काले धुएं के गुबार ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींचा। दूर-दराज के इलाकों से भी लोग इस भव्य इमारत में लगी आग को देखकर चिंतित हो उठे। स्थानीय नागरिकों ने बिना किसी देरी के अग्निशमन विभाग को सूचना दी। फायर ब्रिगेड को कॉल मिलते ही तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई और कुछ ही मिनटों में दमकल की गाड़ियां सायरन बजाती हुई घटनास्थल पर पहुंच गईं।
आग की गंभीरता और ऊंची मंजिल पर लगने के कारण, अग्निशमन विभाग ने एक बड़े और समन्वित बचाव अभियान की योजना बनाई। इस अभियान के तहत लगभग 15 से अधिक अग्निशमन वाहनों को तैनात किया गया, जिसमें विशेष हाइड्रोलिक प्लेटफार्म वाली गाड़ियां भी शामिल थीं, जो 13वीं मंजिल तक पानी पहुंचाने में सक्षम थीं। दमकलकर्मियों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, क्योंकि उन्हें आग के साथ-साथ घने धुएं और तेज गर्मी का भी सामना करना पड़ रहा था।
आग बुझाने का अभियान और अधिकारियों की भूमिका
दमकल कर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना आग बुझाने का काम शुरू किया। उन्होंने कई घंटों तक लगातार पानी की बौछारें कीं और फंसे हुए लोगों की तलाश भी की। अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन का बारीकी से मुआयना करते रहे। उनकी देखरेख में दमकलकर्मियों ने अथक प्रयास किया और आखिरकार काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया।
इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। उन्होंने भीड़ को नियंत्रित करने और बचाव दल के लिए रास्ता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना के कारण आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जिसे पुलिस ने तत्काल संभाला। Patna Building Fire की यह घटना एक बार फिर ऊंची इमारतों में अग्नि सुरक्षा के महत्व को दर्शाती है।
आग के कारण और भविष्य की सुरक्षा चिंताएं
आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी को आग का संभावित कारण माना जा रहा है। अग्निशमन विभाग और फॉरेंसिक टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
सबसे राहत भरी खबर यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद अग्निशमन टीम ने पूरे भवन का विस्तृत निरीक्षण किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई चिंगारी बाकी न रह गई हो और इमारत की संरचनात्मक अखंडता का भी आकलन किया जा सके।
यह घटना राजधानी में मौजूद अन्य बहुमंजिला इमारतों की अग्नि सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा की आवश्यकता पर बल देती है। प्रशासन को चाहिए कि वह सभी व्यावसायिक और आवासीय उच्च-भवन परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में ऐसे जोखिमों से बचा जा सके।
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जांच के अंतिम परिणाम आने के बाद ही इस दुर्घटना से संबंधित सभी तथ्यों का खुलासा हो पाएगा। इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और उनके महत्व को रेखांकित किया है।







