Darbhanga Liquor News: दरभंगा में शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर लहेरियासराय थाना पुलिस ने दो शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान उनके पास से तीन कार्टन में बंद 68 बोतल विदेशी शराब और एक महंगी रेनॉल्ट डस्टर कार जब्त की गई है। इस कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है, जो पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाता है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कैसे पकड़े गए शराब तस्कर?
मध्य निषेध एवं स्वापक ब्यूरो, पटना से मिली विशेष सूचना पर लहेरियासराय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। प्रशिक्षण दरोगा रजनीश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने थाना क्षेत्र के शाहगंज दुर्गा मंदिर के पास मुख्य मार्ग पर सघन नाकेबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही शराब से भरी एक तेज रफ्तार डस्टर कार के चालक और उसमें सवार एक अन्य व्यक्ति ने मौके से भागने की कोशिश की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस टीम ने बिना देर किए उनका पीछा किया। भागने के प्रयास में एक कारोबारी सड़क पर गिर गया, जिससे उसकी आंख के पास मामूली चोट भी आई। स्थानीय लोगों की मौजूदगी में जब कार की तलाशी ली गई तो उसमें से तीन कार्टन में रखी 68 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई। यह शराब ब्रांडेड कंपनियों की थी, जिसकी बाजार में काफी मांग है। दोनों कारोबारियों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया और कानूनी प्रक्रिया के लिए थाने लाया गया। पुलिस की इस तत्परता ने एक बड़ी खेप को गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
महंगी कार और 68 बोतल शराब जब्त
पुलिस द्वारा पकड़े गए शराब कारोबारियों की पहचान मधुबनी जिले के विस्पी थाना क्षेत्र के नहास रुपौली गांव निवासी रूदल पर्व के 25 वर्षीय पुत्र वीडियो कुमार और फुलपरास थाना क्षेत्र के इनरवा निवासी सुरेश कुमार यादव के 24 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार के रूप में हुई है। ये दोनों ही मधुबनी जिले के रहने वाले हैं और लंबे समय से बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध रूप से शराब की तस्करी में लिप्त थे। पुलिस ने उनकी रेनॉल्ट डस्टर कार (BR 07 AD 1776) को भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल शराब की डिलीवरी के लिए किया जा रहा था। यह कार्रवाई बिहार में शराब तस्करी के खिलाफ जारी व्यापक अभियान का हिस्सा है, जहां पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों पर शिकंजा कस रही है और उनकी कमर तोड़ने का प्रयास कर रही है।
छापेमारी के दौरान जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत लाखों में आंकी जा रही है, वहीं डस्टर कार की कीमत भी काफी अधिक है। पुलिस का मानना है कि यह खेप दरभंगा शहर या आसपास के इलाकों में किसी बड़े ग्राहक तक पहुंचाई जानी थी। इस तरह की कार्रवाई से देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अवैध शराब के कारोबारियों को कड़ा संदेश मिलता है कि पुलिस ऐसे कृत्यों पर कड़ी नजर रख रही है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि बिहार Liquor Smuggling का नेटवर्क कितना फैला हुआ है।
उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार ने मीडिया को बताया कि गिरफ्तार शराब कारोबारियों से गहन पूछताछ की गई है ताकि उनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी मिल सके। पूछताछ के बाद उनके खिलाफ बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश कर रही है ताकि इस अवैध धंधे की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से ही अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस और उत्पाद विभाग लगातार अभियान चला रहा है। हालांकि, तस्कर नए-नए और चालाकी भरे तरीकों से शराब पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं, जिसमें महंगी गाड़ियों का इस्तेमाल भी शामिल है। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और सूचना तंत्र की सक्रियता से ऐसे कई प्रयासों को विफल किया गया है। यह घटना दर्शाती है कि Darbhanga Liquor News पुलिस प्रशासन शराबबंदी को सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी कीमत पर समझौता करने को तैयार नहीं है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इस कार्रवाई से न केवल अवैध शराब की एक बड़ी खेप जब्त हुई है, बल्कि दो प्रमुख तस्कर भी कानून की गिरफ्त में आए हैं। पुलिस अधीक्षक ने सभी थानों को अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाने और प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि ऐसे निरंतर और प्रभावी कदमों से ही राज्य में शराब तस्करी पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकती है और समाज में शांति व व्यवस्था बनी रहेगी। यह एक महत्वपूर्ण सफलता है जो दूसरों के लिए भी एक सबक है।







