Darbhanga News: बिहार के ऐतिहासिक तीर्थ स्थल अहल्यास्थान में स्थित रामजानकी मंदिर के कायाकल्प का कार्य विधिवत रूप से शुरू हो गया है। इस परियोजना के तहत मंदिर के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर कुल 12 करोड़ 77 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। रविवार को विधायक जीवेश कुमार ने इस महत्वपूर्ण योजना का शिलान्यास किया, जिसके बाद क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।
शिलान्यास समारोह में नगर पंचायत कमतौल अहियारी के मुख्य पार्षद रंजीत कुमार प्रसाद, अहल्यास्थान धार्मिक न्यास समिति के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर सहित भाजपा के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि यह परियोजना कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा स्वीकृत की गई है, जो अहल्यास्थान की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अहल्यास्थान: मिथिला की आस्था का केंद्र
विधायक जीवेश कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि अहल्यास्थान केवल एक धार्मिक स्थल मात्र नहीं है, बल्कि यह मिथिला की आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक भी है। इस पवित्र स्थान का विकास होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, इससे धार्मिक पर्यटन को भी काफी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में अहल्यास्थान राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। यह परियोजना न सिर्फ मंदिर के स्वरूप को निखारेगी, बल्कि इसकी ऐतिहासिक महत्ता को भी रेखांकित करेगी।
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विकास से बढ़ेगा पर्यटन और रोजगार
अहल्यास्थान के सौंदर्यीकरण और संरक्षण का यह कार्य मिथिला की समृद्ध विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विधायक ने कहा कि बिहार सरकार के नेतृत्व और सहयोग से मिथिला की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। यह परियोजना उसी संकल्प का परिणाम है, जो इस पवित्र स्थल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाने में सहायक होगा।
इस विकास कार्य से न केवल मंदिर की भव्यता बढ़ेगी, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह योजना अहल्यास्थान को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह Mithila Heritage News के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक मंच पर लाएगी।
बिहार सरकार का संकल्प और सहयोग
बिहार सरकार ने राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण को अपनी प्राथमिकता में रखा है। अहल्यास्थान का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। सरकार का मानना है कि ऐसे स्थलों का विकास न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि यह राज्य की पहचान और पर्यटन क्षमता को भी बढ़ाता है।
इस योजना के सफल क्रियान्वयन से अहल्यास्थान के प्रति लोगों की आस्था और भी गहरी होगी तथा यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनेगा। यह परियोजना बिहार के सांस्कृतिक मानचित्र पर अहल्यास्थान को एक विशेष स्थान दिलाएगी।
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यह संरक्षण कार्य न केवल मंदिर के प्राचीन स्वरूप को अक्षुण्ण रखेगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से इसे और अधिक सुगम बनाएगा। स्थानीय निवासी और श्रद्धालु इस पहल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, और अब कार्य शुरू होने से उनमें उत्साह का माहौल है।







