Bihar PM Surya Ghar Yojana: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सस्ती, सुलभ और बिना किसी रुकावट के बिजली उपलब्ध कराना है। इस पहल से राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया अध्याय शुरू होगा।पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार को सौर ऊर्जा से युक्त करने का जो सपना देखा गया था, उसे साकार करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। राज्य सरकार अब उन उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने जा रही है, जिनके घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल से 125 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन होगा। सरकार उनसे अतिरिक्त बिजली खरीदेगी।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।ऊर्जा विभाग को इस प्रक्रिया को स्वचालित बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि एक ऐसी ऑटोमेटिक व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे जरूरत से ज्यादा बिजली का उत्पादन होने पर उसे आसानी से ग्रिड में लिया जा सके। साथ ही, अतिरिक्त बिजली बेचने पर उपभोक्ता के खाते में धनराशि अपने आप जमा हो जाए। उन्होंने बिजली की बचत के प्रति भी लोगों को सजग रहने की अपील की।
‘पीएम सूर्य घर योजना’ का उद्देश्य और लाभार्थियों से संवाद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ये बातें रविवार को विद्युत भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने 1512 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत बिहार के 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। यह कदम ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंगेर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और नालंदा जिलों के ‘पीएम सूर्य घर बिजली योजना’ के लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनके अनुभवों और अपेक्षाओं को जानने का प्रयास किया। यह संवाद दर्शाता है कि सरकार सीधे जनता से जुड़कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहती है। यह पहल राज्य के Bihar Electricity News में एक सकारात्मक बदलाव लाएगी और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती प्रदान करेगी।
अतिरिक्त बिजली बेचने पर मिलेगा लाभ
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल बिजली उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को आय का एक अतिरिक्त स्रोत भी प्रदान करेगी। जिन घरों में 125 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन होगा, वे अपनी अतिरिक्त बिजली सरकार को बेच सकेंगे। यह प्रावधान लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगा।मुख्यमंत्री ने 1278 करोड़ रुपये की लागत वाली ऊर्जा प्रक्षेत्र की विभिन्न विकास योजनाओं का भी कार्यारंभ, उद्घाटन और लोकार्पण किया। इनमें कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं, जो राज्य में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार करेंगी। यह निवेश बिहार के ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ढाई लाख घरों का लक्ष्य और भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए। सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल 20 नवंबर 2026 को पूरा होगा, तब तक ढाई लाख परिवारों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य हर हाल में पूरा कर लिया जाना चाहिए। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युद्धस्तर पर काम करने को कहा है।केंद्र सरकार ने भी 31 मार्च तक 4,82,000 घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे सरकार का दो वर्ष का कार्यकाल 20 नवंबर 2027 को पूरा होने तक बिहार के 25 लाख परिवारों के घरों तक मुफ्त बिजली का लाभ पहुंचाया जा सके। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार दूरगामी योजनाओं पर काम कर रही है।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंयह योजना बिहार को हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ-साथ आम जनता के जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सौर ऊर्जा का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि यह दीर्घकालिक रूप से बिजली के बिलों को कम करके उपभोक्ताओं को बड़ी आर्थिक राहत भी प्रदान करेगा।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।मुख्यमंत्री का यह कदम बिहार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा मिलेगा और गरीबों को मुफ्त बिजली मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। यह योजना बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।







