Darbhanga News: दरभंगा में 24 साल पुराने एक मामले में अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया। दहेज प्रताड़ना, पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने और घर से निकालने के आरोपों का सामना कर रहे तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सत्यम की अदालत ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिससे आरोपियों को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद बड़ी राहत मिली है।





दहेज प्रताड़ना के आरोपों की पृष्ठभूमि
यह मामला सदर थाना कांड संख्या 140/02 से संबंधित है, जिसकी प्राथमिकी 13 जून 2002 को दर्ज कराई गई थी। अमडीहा गांव निवासी राम जेवर देवी उर्फ बकूनी देवी ने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि दहेज के लिए उन्हें प्रताड़ित किया गया, घर से निकाल दिया गया और उनके पति ने दूसरी शादी कर ली।
शिकायतकर्ता स्वयं घर छोड़कर चली गई थी और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसा दिया गया था। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अदालत से न्याय मिला है।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद 31 अक्टूबर 2002 को पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इनमें केवटी थाना क्षेत्र के गोखुल गांव निवासी कारी मंडल, रामदाई देवी, ममता देवी, अनारो देवी और भोला मंडल शामिल थे। सुनवाई के दौरान अनारो देवी और भोला मंडल का निधन हो गया, जिसके बाद न्यायालय ने उनका नाम वाद अभिलेख से हटा दिया।
लंबी सुनवाई और अदालत का फैसला
अभियोजन पक्ष की ओर से एपीओ रिचा चौधरी ने पैरवी की। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों की गहन समीक्षा की। लंबी कानूनी प्रक्रिया और गवाहियों के बाद, न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि शेष तीन आरोपियों – कारी मंडल, रामदाई देवी और ममता देवी के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हो सके।
इसी आधार पर, अदालत ने इन तीनों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया। यह फैसला उनके लिए 24 साल के संघर्ष के बाद बड़ी राहत लेकर आया है।
फैसले पर आरोपियों की प्रतिक्रिया
अदालत के फैसले के बाद, बरी हुए आरोपियों ने राहत की सांस ली। रामदाई देवी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता खुद ही घर छोड़कर चली गई थी और उन्हें इस झूठे मुकदमे में फंसाया गया था। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उन्हें अदालत से न्याय मिल गया है। यह फैसला उन सभी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है जो इतने वर्षों से इस कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा थे।







