Darbhanga News: निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान दरभंगा जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से छह ‘मुन्ना भाई’ गिरफ्तार किए गए हैं। इन सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए 12 लाख रुपये का सौदा तय किया गया था। पुलिस ने इन गिरफ्तार परीक्षार्थियों के पास से ब्लूटूथ समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। एक युवक के पास से तो ब्लूटूथ के साथ-साथ वॉकी-टॉकी भी मिला है, जो परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद था।
हाई-टेक नकल का तरीका और 12 लाख का सौदा
गिरफ्तार किए गए परीक्षार्थियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें पटना जिले के अनीसाबाद से ब्लूटूथ के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर बताए जा रहे थे। यह एक संगठित गिरोह का काम था, जो हाई-टेक उपकरणों का इस्तेमाल कर परीक्षा में धांधली कर रहा था। डीसीएलआर सह प्रभारी एसडीओ संजीत कुमार ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ परीक्षार्थी ऐसे भी पकड़े गए हैं, जिन्होंने पहले भी 14 जून 2026 और 17 जून 2026 को परीक्षा दी थी।




नाम बदलकर और उम्र छिपाकर दी थी परीक्षा
प्रभारी एसडीओ ने बताया कि पकड़े गए दो परीक्षार्थियों ने अपना नाम बदलकर मैट्रिक की परीक्षा दी थी। अधिक उम्र होने के कारण उन्होंने अपनी जन्मतिथि भी बदल ली थी, हालांकि उन्होंने अपने माता-पिता का नाम नहीं बदला था।
“दो परीक्षार्थी ऐसे पकड़े गए हैं जो 14 जून 2026 और 17 जून 2026 को परीक्षा दे रहे थे। उन्होंने अपना नाम बदलकर मैट्रिक का परीक्षा दिया था और अधिक उम्र होने के कारण जन्मतिथि भी बदल ली थी।” – संजीत कुमार, डीसीएलआर सह प्रभारी एसडीओ
गिरफ्तार किए गए परीक्षार्थियों में मारवाड़ी कॉलेज से नवादा जिले के राजा कुमार शामिल हैं, जिन्होंने दो बार परीक्षा दी है। अरवल जिले के वीरेंद्र यादव के पुत्र प्रद्युमन कुमार अमन कुमार ब्लूटूथ कान में लगाए हुए पकड़े गए। वहीं, रामनाथ यादव के पुत्र राजेश कुमार डिवाइस और वॉकी-टॉकी लेकर परीक्षा केंद्र के बाहर घूम रहे थे, जिन पर शक होने पर जांच की गई और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद हुआ। एमएलएसएम कॉलेज से प्रमोद कुमार के पुत्र अरविंद कुमार भी ब्लूटूथ का इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए। भोजपुर जिले के पन्नालाल पाठक के पुत्र अमित कुमार पाठक ने दो बार परीक्षा दी; 14 जून को पूर्णिया में और 17 जून को दरभंगा में वे परीक्षा में शामिल हुए। इसके अलावा, भागलपुर जिले के दुर्योधन प्रसाद के पुत्र सुमन कुमार सौरभ दूसरे परीक्षार्थी के बदले दूसरी बार परीक्षा दे रहे थे। ये भी 14 जून और 17 जून को परीक्षा में शामिल हुए थे।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
प्रभारी एसडीओ ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लहेरियासराय थाना और नगर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। इस संबंध में पटना पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है, क्योंकि नकल गिरोह का संचालन पटना से हो रहा था। यह कार्रवाई परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में ऐसी धांधली को रोकने में मदद मिलेगी।







