Bihar Sipahi Bharti: बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सीवान पुलिस ने दो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से ऐसे दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। इस कार्रवाई से परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि 17 जून को आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा की पहली और दूसरी पाली के दौरान यह गिरफ्तारी हुई। सरस्वती शिशु मंदिर परीक्षा केंद्र और दाउद मेमोरियल उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस टीम ने दो संदिग्ध परीक्षार्थियों को पकड़कर पूछताछ की।




फर्जी परीक्षार्थियों ने उगले कई राज
गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान सियाराम कुमार (निवासी पटना) और गौतम कुमार (निवासी जहानाबाद) के रूप में हुई है। गहन पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान, दोनों ने स्वीकार किया कि वे असली उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने आए थे। उनके पास से कई जाली दस्तावेज, प्रवेश पत्र और पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
फर्जीवाड़े का जाल मोतिहारी और गोपालगंज तक फैला
दोनों आरोपियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा भी किया। उन्होंने बताया कि वे इससे पहले 14 जून को मोतिहारी और गोपालगंज में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा में भी फर्जी परीक्षार्थी बनकर शामिल हुए थे। इस खुलासे के बाद जांच का दायरा काफी बढ़ गया है, जिससे यह पता चलता है कि यह केवल एक स्थानीय मामला नहीं है बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
पुलिस ने छेड़ी मास्टरमाइंड की तलाश
एसपी पूरन कुमार झा ने जोर देकर कहा कि यह मामला केवल दो फर्जी अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है। पुलिस इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे सक्रिय नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। उनका लक्ष्य असली अभ्यर्थियों, उन्हें परीक्षा में बैठाने की व्यवस्था करने वाले लोगों और इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान करना है। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और संभावित मास्टरमाइंड समेत अन्य संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए गहन छापेमारी की जा रही है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।







