Ghanshyampur News: दरभंगा: जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के कोर्थु गांव में बिजली आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा. आक्रोशित ग्रामीणों ने शिवनगर घाट-रसियारी मुख्य मार्ग को कोर्थु गांव के पास बांस-बल्ला लगाकर लगभग पांच घंटे तक जाम कर दिया. इस प्रदर्शन के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और यात्रियों को भीषण गर्मी और उमस में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब एक महीने पहले भी बिजली की समस्या को लेकर इसी सड़क को जाम किया गया था. उस समय विद्युत विभाग के एसडीओ मोने लाल और जेई मोहम्मद इरफान अहमद ने मौके पर पहुंचकर एक महीने के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाने और जर्जर बिजली के तारों को बदलने का आश्वासन दिया था. हालांकि, तय समय बीत जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी थी.




बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी
सड़क जाम के दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. स्थानीय निवासी दीपक कुमार ठाकुर, विभूति ठाकुर, रतन कुमार और अनंत नारायण मिश्र सहित अन्य ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक एसडीओ और जेई स्वयं जाम स्थल पर नहीं पहुंचेंगे, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा. इस विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही घनश्यामपुर थाना प्रभारी आकृति कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं. उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अडिग रहे और जाम जारी रखा.
“एक महीने पहले आश्वासन दिया गया था, लेकिन हमारी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ. हम तब तक नहीं हटेंगे जब तक अधिकारी यहां आकर हमारी बात नहीं सुनते.”
अधिकारियों के आश्वासन पर खुला जाम, दी चेतावनी
देर शाम करीब चार बजे विद्युत विभाग के एसडीओ मोने लाल, जेई मोहम्मद इरफान अहमद और प्रखंड विकास पदाधिकारी रजनीश कुमार जाम स्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना. ग्रामीणों ने इस दौरान अपनी तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं:
- जर्जर बिजली के तारों को तुरंत बदला जाए.
- गांव में दो नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएं.
- टावर लाइन को दी जा रही बिजली आपूर्ति बंद की जाए.
अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर अमल नहीं हुआ तो वे फिर से सड़क जाम कर आंदोलन को और तेज करेंगे. इस जाम के कारण क्षेत्र में कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा.







