Darbhanga Rail News: बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान में दशकों से लंबित सकरी-हसनपुर रेल परियोजना को लेकर बुधवार को एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत कुमार के नेतृत्व और ललितेश्वर पासवान की अध्यक्षता में आयोजित इस महापंचायत में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर रेल सेवा बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कार्य शुरू नहीं हुआ, तो जिम्मेदार पक्षों और रेल मंत्रालय के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा।
क्या है सकरी-हसनपुर रेल परियोजना का विवाद?
वक्ताओं ने महापंचायत में बताया कि सकरी-हसनपुर रेल परियोजना क्षेत्र के विकास की जीवनरेखा साबित हो सकती है, लेकिन पिछले कई दशकों से यह अधूरी पड़ी है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 1996 के बाद सकरी से कुशेश्वरस्थान तक रेल लाइन के लिए मिट्टीकरण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया था। साथ ही, सकरी से हरिनगर तक रेल परिचालन भी शुरू हो चुका है, लेकिन हरिनगर से कुशेश्वरस्थान के बीच लगभग पांच किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण तथाकथित पक्षी विहार का हवाला देकर अब तक पूरा नहीं किया गया है।




कुशेश्वरस्थान से खगड़िया तक भी परियोजना के अंतर्गत कई स्थानों पर मिट्टीकरण और रेलवे पुलों का निर्माण कराया जा चुका है। इसके बावजूद परियोजना को अंतिम रूप नहीं दिया जा रहा है, जिससे दरभंगा, कुशेश्वरस्थान, बिरौल, बेनीपुर और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोग रेल सुविधा से वंचित हैं।
लाखों लोगों को क्यों नहीं मिल रही रेल सुविधा?
महापंचायत को संबोधित करते हुए बब्लू पासवान, केवटगामा पंचायत के मुखिया छेदी राय, सरपंच बबन दास, व्यवसायी संघ अध्यक्ष दिलीप सोनी, जदयू नेता गौरव राय, चंद्रशेखर साह, लोजपा नेता रमेश पासवान, प्रोफेसर शशिनाथ प्रसाद और मुख्य पार्षद शत्रुघ्न पासवान सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि जिस पक्षी विहार का हवाला देकर रेल परियोजना को रोका गया है, वहां वर्तमान समय में पक्षियों का कोई स्थायी आवास नहीं है। ऐसे में पूर्व स्वीकृत रेल मार्ग को बदलने अथवा नई योजना बनाने का प्रयास जनता के धन और समय दोनों की बर्बादी है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पक्षी विहार के नाम पर वर्षों से रेल परियोजना को लंबित रखा गया है, जिससे क्षेत्र के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि रेल संपर्क नहीं होने के कारण लोगों को आज भी सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है।
जनता ने दी रेल मंत्रालय को सीधी चेतावनी
महापंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र ही पूर्व निर्धारित रेल परियोजना पर कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो तथाकथित पक्षी विहार से जुड़े जिम्मेदार पक्षों एवं रेल मंत्रालय के विरुद्ध न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा। उपस्थित लोगों ने कहा कि क्षेत्र की जनता अब और अधिक इंतजार करने को तैयार नहीं है तथा रेल सेवा बहाली के लिए लोकतांत्रिक और कानूनी दोनों स्तरों पर संघर्ष जारी रखा जाएगा।
इस अवसर पर राजेश चौपाल, बैजनाथ पासवान, संतोष पोद्दार, मो. मंसूर, कल्पेश्वर पासवान, वार्ड पार्षद तारणी पासवान, सोनू पासवान, पंकज चौधरी और रामशंकर पोद्दार सहित सैकड़ों ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने क्षेत्रवासियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर रेल परियोजना की लड़ाई में एकजुट होने का आह्वान किया। यह केवल रेल सेवा की मांग नहीं, बल्कि पूरे कुशेश्वरस्थान क्षेत्र के विकास, रोजगार, शिक्षा और बेहतर भविष्य की लड़ाई है।







