
Bihar Muharram Security: मोहर्रम के मद्देनजर बिहार में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए। इस बैठक में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुख्य सचिव और गृह विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जोड़ा गया, जहां मुख्यमंत्री ने जिलेवार तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मोहर्रम के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था हर हाल में बनी रहनी चाहिए। उन्होंने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरतने पर जोर दिया।




शांति भंग करने वालों पर होगी ऐसी कार्रवाई कि…
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी व्यक्ति सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या माहौल खराब करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। ऐसे तत्वों पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि:
अगर कोई व्यक्ति सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या माहौल खराब करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। ऐसे तत्वों पर प्रशासन की विशेष नजर रहे।
बैठक में राज्य के संवेदनशील जिलों और क्षेत्रों की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने उन सभी जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का आदेश दिया, जहाँ अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता है। पुलिस अधिकारियों को लगातार गश्त बढ़ाने, भीड़भाड़ वाले इलाकों पर कड़ी नजर रखने और सोशल मीडिया पर निगरानी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशील इलाकों में RAF की तैनाती, बढ़ाई जाएगी निगरानी
त्योहार के दौरान Bihar Muharram Security को और पुख्ता करने के लिए कई जिलों में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बलों को भी तैनात किया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि मोहर्रम का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी अधिकारियों को पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय बनाए रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार की पहचान सामाजिक सौहार्द और भाईचारे से है, जिसे किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। सरकार इस त्योहार के दौरान हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।







