
Bihar Kosi River: सुपौल, बिहार: बिहार और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। 2026 की बाढ़ अवधि के दौरान पहली बार कोसी नदी का जलप्रवाह 50 हजार क्यूसेक के आंकड़े को पार कर गया है। शनिवार सुबह 8 बजे वीरपुर स्थित कोसी बराज पर नदी का डिस्चार्ज 58,765 क्यूसेक दर्ज किया गया, जिसके बाद बराज के 56 फाटकों में से 7 फाटक खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
कोसी बराज पर बढ़ा जलदबाव: क्या है ताजा स्थिति?
कोसी बराज कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, नेपाल के पहाड़ी और जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी में पानी की मात्रा तेजी से बढ़ रही है। नेपाल के बराहक्षेत्र में भी जलप्रवाह बढ़कर करीब 43 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है, जो निचले इलाकों के लिए खतरे की घंटी है। बढ़ते जलदबाव को देखते हुए वीरपुर बराज के सात फाटकों को खोलकर पानी की निकासी सुनिश्चित की जा रही है।




नेपाल में बारिश बनी वजह, आगे क्या होगा?
जल संसाधन विभाग के अधिकारी पल-पल के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में बिहार में कोसी नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। बाढ़ के मौसम की औपचारिक शुरुआत से पहले ही कोसी का जलप्रवाह इतनी तेजी से बढ़ना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। नदी किनारे बसे हजारों लोगों की नजर अब कोसी की स्थिति पर टिकी हुई है।
प्रशासन की अपील और लोगों की चिंता
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार निगरानी रखी जा रही है।
विशेषज्ञ इसे वर्तमान बाढ़ मौसम की शुरुआती चेतावनी मान रहे हैं और सीमावर्ती इलाकों में रहने वालों को सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। अगले कुछ दिनों तक नदी के जलस्तर पर पैनी नजर रखना बेहद जरूरी होगा ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।







