
Bihar TMBU News: तिलकामांझी बिहार विश्वविद्यालय (TMBU) में 70 अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्ति के आदेश के बाद शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में जमकर हंगामा हुआ। राजभवन के निर्देशों का हवाला देते हुए जारी इस आदेश से आक्रोशित शिक्षकों ने तत्काल सेवा बहाली की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
70 अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्ति पर बवाल क्यों?
भागलपुर के तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में अप्रैल 2025 में नियुक्त किए गए 70 अतिथि शिक्षकों की सेवा अचानक समाप्त कर दी गई है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. रामाशीष पूर्वे ने गुरुवार को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की, जिसमें राजभवन के निर्देशों का जिक्र किया गया है। इस फैसले के बाद से विश्वविद्यालय का माहौल गरमा गया है।




अतिथि शिक्षकों ने शुक्रवार को तत्काल प्रभारी कुलपति को एक आवेदन सौंपा, जिसमें सेवा समाप्ति का आदेश वापस लेने और उनकी सेवा अवधि का विस्तार करने की मांग की गई। आवेदन देने के बाद सभी शिक्षक रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह फैसला उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
आंदोलन की चेतावनी, क्या होगा अगला कदम?
धरने पर बैठे अतिथि शिक्षकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज करेंगे। इस घटनाक्रम से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल पर भी असर पड़ने की आशंका है।
अतिथि शिक्षकों ने कहा, ‘यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे और पीछे नहीं हटेंगे।’
इस मामले में राजभवन और विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन अतिथि शिक्षकों की मांगों पर विचार करता है या फिर यह विवाद और गहराएगा।







