Darbhanga Land Scam: दरभंगा में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जिलाधिकारी कौशल कुमार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सदर अंचल के खोजकीपुर मौजा स्थित गैरमजरूआ खास (झील) भूमि के अवैध दाखिल-खारिज और रैयती जमाबंदी कायम करने के मामले में तीन राजस्व कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, आठ अन्य राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्रपत्र-‘क’ गठित करने का निर्देश भी दिया गया है। यह कार्रवाई राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है।
कैसे हुआ सरकारी जमीन का खेल?
जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि दरभंगा सदर अंचल के खोजकीपुर मौजा, थाना संख्या-600 में स्थित 04 बीघा 13 कट्ठा 10 धूर गैरमजरूआ खास (झील) भूमि पर प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा मिट्टी भरकर अवैध रूप से खरीद-बिक्री की जा रही है। इस गंभीर मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जाँच के लिए जिलाधिकारी ने तत्काल आदेश दिए। अपर समाहर्त्ता की अध्यक्षता में भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सदर, दरभंगा को शामिल करते हुए एक द्वि-सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया था। इस दल को पूरे प्रकरण की गहनता से जाँच कर दोषी पदाधिकारियों और कर्मियों की पहचान करने का निर्देश दिया गया था।






जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से पाया कि तत्कालीन अंचल अधिकारी, सदर, राजस्व अधिकारी, सदर, और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने मिलीभगत कर 27 मामलों में कुत्सित भावना से सरकारी भूमि का अवैध दाखिल-खारिज कर रैयती जमाबंदी कायम कर दी थी।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों पर गिरी गाज
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने तत्काल प्रभाव से तीन राजस्व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें सदर अंचल, दरभंगा के राजस्व कर्मचारी चन्दन कुमार शर्मा, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी नन्द लाल दास (जो वर्तमान में जाले अंचल में कार्यरत हैं और बहेड़ी अंचल में प्रतिनियुक्ति पर हैं) तथा सदर अंचल, दरभंगा के राजस्व कर्मचारी नेहाल कुमार शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, आठ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध प्रपत्र-‘क’ गठित करने का निर्देश दिया गया है, जिन्होंने इस Darbhanga Land Scam में भूमिका निभाई थी। इनमें शामिल हैं:
- तत्कालीन अंचल अधिकारी, सदर, दरभंगा अरुण कुमार सक्सेना (वर्तमान में सेवानिवृत्त)
- तत्कालीन अंचल अधिकारी, सदर, दरभंगा इन्द्रसान साह (वर्तमान में सेवानिवृत्त)
- तत्कालीन अंचल अधिकारी, सदर, दरभंगा रंधीर कुमार (वर्तमान में अंचल अधिकारी, गौनाहा, पश्चिम चम्पारण)
- राजस्व अधिकारी विनीत चित्रा
- तत्कालीन राजस्व कर्मचारी बबन पाल (प्रोन्नति के उपरांत अन्य जिले में पदस्थापित)
- तत्कालीन राजस्व कर्मचारी राधेश्याम चौधरी (सेवानिवृत्त)
- तत्कालीन राजस्व कर्मचारी भरत कुमार (सेवानिवृत्त)
- तत्कालीन राजस्व कर्मचारी पूर्णानन्द झा (सेवानिवृत्त)
डीएम कौशल कुमार का सख्त संदेश
सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण, फर्जी दाखिल-खारिज अथवा अनियमित रूप से रैयती जमाबंदी कायम करने जैसी गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन सरकारी भूमि की सुरक्षा, राजस्व अभिलेखों की शुचिता तथा पारदर्शी प्रशासन के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस प्रकार की अनियमितताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन Bihar Revenue Department के रिकॉर्ड्स की पवित्रता बनाए रखने और जनता के हित में काम करने के लिए संकल्पित है। भविष्य में भी ऐसी अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके और किसी भी तरह के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।








