Patna Gold Price: मंगलवार, 14 जुलाई को पटना में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। भारतीय सर्राफा एवं ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 476 रुपये प्रति 10 ग्राम कम होकर 1.42 लाख रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, चांदी के दामों में मामूली तेजी देखी गई, जो 849 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर 2.19 लाख रुपये पर पहुंच गई। इस साल की शुरुआत में दर्ज की गई रिकॉर्ड ऊंचाई से सोने और चांदी दोनों के दाम काफी नीचे आ गए हैं, जिससे निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है।
सोना खरीदने का है सुनहरा मौका? पटना में ₹34,000 सस्ता हुआ गोल्ड, जानें विशेषज्ञों की खास सलाह!
Patna Gold Price: मंगलवार, 14 जुलाई को पटना में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 476 रुपये प्रति 10 ग्राम कम होकर 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। हालांकि, चांदी के दाम में 849 रुपये प्रति किलोग्राम का मामूली उछाल देखा गया, जिससे यह 2.19 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।






साल के उच्चतम स्तर से ₹34,000 सस्ता हुआ सोना
इस साल सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। आईबीजेए के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने का भाव 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके बाद, 29 जनवरी को यह अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 1.76 लाख रुपये पर पहुंच गया। उस उच्चतम स्तर से अब तक सोने की कीमतों में लगभग 34,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है।
चांदी ने भी देखी रिकॉर्ड स्तर से बड़ी गिरावट
चांदी की कीमतों का भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो 29 जनवरी को रिकॉर्ड 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। हालांकि, अगले 166 दिनों में चांदी की कीमतों में 1.66 लाख रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट आई है, बावजूद इसके कि सोमवार को इसमें थोड़ी रिकवरी देखी गई।
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार विश्लेषकों ने सोने और चांदी की कीमतों में मौजूदा गिरावट के लिए दो प्रमुख कारणों का उल्लेख किया है। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई है, जिससे वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी कम आकर्षक हो गए हैं। दूसरा, दोनों कीमती धातुओं के इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद कई संस्थागत और खुदरा निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके परिणामस्वरूप कीमतों में सुधार हुआ।
निवेशकों के लिए विशेषज्ञ की सलाह
विशेषज्ञ ने बताया कि सोना और चांदी अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे आ चुके हैं। उन्होंने उन निवेशकों को सलाह दी है जो बाजार में प्रवेश करने की सोच रहे हैं कि वे एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे खरीदारी करें। केडिया के अनुसार, वैश्विक बाजार की स्थितियों के आधार पर, सोना साल के अंत तक लगभग 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। यह मौजूदा कीमतों पर निवेश करने वालों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है।
रिकॉर्ड ऊंचाई से ₹34,000 सस्ता हुआ सोना
इस साल सोने की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। IBJA के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने का भाव 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके बाद 29 जनवरी को यह अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 1.76 लाख रुपये पर पहुंच गया था। इस शिखर के बाद से, सोने की कीमतों में लगभग 34,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है। इसी तरह, चांदी ने भी उतार-चढ़ाव भरा रास्ता तय किया है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो 29 जनवरी को रिकॉर्ड 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। हालांकि, अगले 166 दिनों में चांदी की कीमतों में 1.66 लाख रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट दर्ज की गई, बावजूद इसके कि सोमवार को इसमें थोड़ी रिकवरी देखने को मिली थी।
क्यों गिर रही हैं सोने-चांदी की कीमतें?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे दो प्रमुख कारण हैं:
- अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना: अमेरिकी फेडरल रिजर्व से मिले संकेतों के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है। डॉलर के मजबूत होने से वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी अपेक्षाकृत कम आकर्षक हो जाते हैं, क्योंकि अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए ये महंगे हो जाते हैं।
- मुनाफावसूली: इस साल की शुरुआत में दोनों कीमती धातुओं के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद, कई संस्थागत और खुदरा निवेशकों ने मुनाफावसूली की। बड़े पैमाने पर हुई इस बिकवाली के कारण कीमतों में सुधार देखा गया।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञ ने बताया कि सोना और चांदी अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे आ चुके हैं। उन्होंने उन निवेशकों को सलाह दी है जो बाजार में प्रवेश करने की सोच रहे हैं, कि वे एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे खरीदारी करें। केडिया के अनुसार, वैश्विक बाजार की स्थितियों के आधार पर, सोना साल के अंत तक लगभग 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक और चांदी लगभग 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।
मौजूदा स्थिति निवेशकों के लिए एक अवसर प्रदान करती है, लेकिन उन्हें सावधानी बरतने और बाजार के रुझानों पर नजर रखने की जरूरत है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेश का निर्णय लेने से पहले बाजार की पूरी जानकारी होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके और बेहतर मुनाफा कमाया जा सके।








