Bihar MLA Fund: हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक क्षेत्र विकास योजना (MLA फंड) को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। इस फैसले से विधायकों को अब अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को अंजाम देने में अधिक सुविधा और अधिकार प्राप्त होंगे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक इस मुद्दे पर एक साथ खड़े दिखे, जिन्होंने सरकार से योजना की राशि बढ़ाने और उसके नियमों को और अधिक लचीला बनाने की मांग की थी।
विधायक फंड में हुए अहम बदलाव
योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के नियमों में किए गए संशोधनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब विधायक अपने फंड से 25 लाख रुपये तक के विकास कार्य बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के करवा सकेंगे। पहले यह सीमा मात्र 15 लाख रुपये थी, जिससे छोटे कार्यों को भी पूरा करने में अनावश्यक देरी होती थी। यह बदलाव विधायकों को स्थानीय जरूरतों के हिसाब से तुरंत निर्णय लेने में सक्षम बनाएगा।






मिट्टी वाली सड़कें और सांसद फंड की तर्ज पर लचीलापन
मंत्री कुशवाहा ने यह भी घोषणा की कि विधायकों को अब अपने फंड से मिट्टी वाली सड़कें बनवाने की अनुमति भी मिल गई है। यह ग्रामीण इलाकों के लिए एक बड़ी राहत है, जहां पक्की सड़कों का निर्माण कठिन होता है। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि विधायक फंड को अब सांसद फंड (MP Fund) की तर्ज पर और अधिक लचीला बनाया जाएगा, ताकि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में और अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकें। इस योजना में कुछ नई गतिविधियों को भी शामिल किया गया है, जिनकी विस्तृत जानकारी जल्द ही सभी विधायकों तक पहुंचाई जाएगी।

सरकार द्वारा विधायक फंड के नियमों में किए गए इन संशोधनों से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, जैसे सड़क निर्माण, पेयजल, स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। यह कदम विधायकों को उनके निर्वाचन क्षेत्रों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में सहायक होगा, जिससे जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव आएगा।









