Bihar Corruption: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एक और बड़ा उदाहरण सामने आया है। हाल ही में बुधवार को पटना की एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के जुर्म में नवादा जिले के रोह प्रखंड के एक पूर्व अंचलाधिकारी (सीओ) भोला पासवान को चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उन पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद भोला पासवान को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त दो माह का कारावास भुगतना होगा। यह फैसला सरकारी महकमे में ईमानदारी और जवाबदेही का सख्त संदेश दे रहा है।






बिहार में रिश्वतखोर CO को कोर्ट ने भेजा जेल! 4 साल की सज़ा, 10 हज़ार का जुर्माना
Bihar Corruption: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण फैसले में, पटना की एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के दोषी पाए गए एक पूर्व अंचलाधिकारी (CO) को चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले के साथ दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जो राज्य में ईमानदारी और जवाबदेही के प्रति सरकार के सख्त रुख को दर्शाता है। यह मामला बिहार में सरकारी अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने बुधवार को मामले की सुनवाई के बाद यह सजा सुनाई। नवादा जिले के रोह में तत्कालीन अंचलाधिकारी भोला पासवान को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत दोषी करार दिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
रंगे हाथ पकड़ा गया था पूर्व अंचलाधिकारी
अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक रितेश कुमार ने अदालत को बताया कि निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों ने वर्ष 2014 में भोला पासवान को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उस समय वह एक स्थानीय व्यक्ति से चार हजार रुपये की रिश्वत ले रहे थे। यह रिश्वत उसके रिश्तेदार के मकान में छज्जा, खिड़की और दरवाजा बनवाने के लिए मांगी गई थी।
निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद नवादा जिले में रोह के तत्कालीन अंचलाधिकारी भोला पासवान को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है।
11 गवाहों की गवाही, भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई
अदालत में भोला पासवान के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज करवाए थे। इन गवाहियों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उन्हें दोषी पाया। गिरफ्तारी के बाद भोला पासवान जमानत पर थे, लेकिन दोषी करार दिए जाने के बाद अदालत ने उन्हें तत्काल न्यायिक हिरासत में ले लिया। इसके बाद, उन्हें सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया। यह फैसला नवादा जिले और पूरे बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करेगा।
कैसे रंगे हाथों पकड़ा गया था पूर्व अंचलाधिकारी?
यह मामला वर्ष 2014 का है, जब निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों ने तत्कालीन अंचलाधिकारी भोला पासवान को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। विशेष लोक अभियोजक रितेश कुमार ने अदालत को बताया कि अभियुक्त ने एक स्थानीय व्यक्ति से उसके रिश्तेदार के मकान में छज्जा, खिड़की और दरवाजा बनवाने के लिए चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
विशेष लोक अभियोजक रितेश कुमार ने बताया, ‘ब्यूरो के अधिकारियों ने वर्ष 2014 में अभियुक्त पूर्व अंचलाधिकारी को एक स्थानीय व्यक्ति से उसके रिश्तेदार के मकान में छज्जा, खिड़की और दरवाजा बनवाने के लिए चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप साबित करने के लिए अभियोजन ने इस मामले में 11 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए थे।’
निगरानी ब्यूरो की टीम ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया और भोला पासवान को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए थे, जिनके आधार पर अदालत ने उन्हें दोषी पाया।
न्यायालय का सख्त संदेश: भ्रष्टाचार पर नहीं मिलेगी रियायत
दोषी करार दिए जाने के बाद, जो भोला पासवान पहले जमानत पर थे, उन्हें तत्काल न्यायिक हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद, उन्हें सजा भुगतने के लिए सीधे जेल भेज दिया गया। न्यायालय का यह निर्णय स्पष्ट करता है कि नवादा सहित पूरे बिहार में भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह फैसला उन सरकारी कर्मचारियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो अपने पद का दुरुपयोग कर जनता से रिश्वत लेते हैं। इससे जनता में भी यह विश्वास मजबूत होगा कि कानून सभी के लिए समान है और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर न्याय अवश्य मिलेगा।









