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Bihar Vidhan Sabha LIVE बिहार विधानसभा में भयंकर बवाल: छात्रों पर लाठीचार्ज से भड़के विधायक, हाथापाई तक पहुंची बात, जानें क्या फैसले हुए|”गुंडा”

Bihar Vidhan Sabha: पटना में हुए लाठीचार्ज पर सदन में भारी बवाल, हंगामे के बीच शिक्षा, उद्योग और शहरी विकास से जुड़े कई अहम विधेयक पारित, सीएम सम्राट चौधरी ने उठाया बड़ा कदम।

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देशज टाइम्स | Highlights -

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Bihar Vidhan Sabha: बिहार विधानसभा में आज कार्यवाही के चौथे दिन छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को सदन स्थगित करना पड़ा। यह पूरा विवाद पटना में बुधवार को छात्रों पर हुए पुलिसिया बल प्रयोग से जुड़ा है, जिस पर भाजपा विधायक श्याम बाबू यादव ने हमलावरों को “गुंडा” करार दिया।

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पटना लाठीचार्ज: बिहार विधानसभा में बवाल, विधायकों में तकरार के बाद सदन स्थगित!

Bihar Vidhan Sabha: बिहार विधानमंडल की कार्यवाही का चौथा दिन गुरुवार को भारी हंगामे से भरा रहा। पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए, जिससे हाथापाई की नौबत आ गई। तनाव बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही तत्काल स्थगित कर दी।

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Bihar Vidhan Sabha LIVE बिहार विधानसभा में भयंकर बवाल: छात्रों पर लाठीचार्ज से भड़के विधायक, हाथापाई तक पहुंची बात, जानें क्या फैसले हुए|"गुंडा"

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छात्रों पर लाठीचार्ज: सदन में गरमाई बहस, विधायकों में तीखी तकरार

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही बुधवार को पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मामला गरमा गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक श्याम बाबू यादव ने आरोप लगाया कि डाकबंगला चौराहे पर हमला करने वाले “छात्र नहीं, बल्कि गुंडे थे।” उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान उनकी गाड़ी पर भी हमला किया गया था। इस बयान के बाद विपक्ष के सदस्य भड़क उठे और दोनों ओर से विधायकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिससे सदन में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। मार्शलों को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा।

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विधानसभा परिसर में विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन, पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग

सदन के भीतर हंगामे से पहले, विपक्ष के सदस्यों ने विधानसभा परिसर में छात्रों पर पुलिसिया बर्बरता का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी विधायक हाथों में पोस्टर लिए सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। वे विधानसभा के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठे और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग की।

बिहार के विकास के लिए कई अहम विधेयक पारित और चर्चा

इस राजनीतिक टकराव के बीच, बिहार विधानमंडल में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी हुए।

उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने ‘बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026’ पर चर्चा के दौरान बताया कि निवेशकों को बेहतर माहौल देने और व्यापार प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एकल खिड़की प्रणाली लागू की जाएगी। इन्वेस्ट बिहार सचिवालय सभी निवेश संबंधी आवेदनों का निपटारा नियमानुसार तीस दिनों के भीतर सुनिश्चित करेगा।

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने ‘बिहार नगर विकास विधेयक 2026’ पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य राज्य में शहरीकरण की गति बढ़ाना और आर्थिक विकास को नई दिशा देना है। इसके तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बिहार नगर विकास प्राधिकरण का गठन होगा, जो विशेष क्षेत्रों की पहचान, विकास योजनाओं का निर्माण, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और शहरी आधारभूत संरचना जैसे सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व सार्वजनिक परिवहन के विकास व रखरखाव का कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर सहमति प्रदान करते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि बिहार के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर न जाएं। उन्होंने बताया कि बिहार के लाखों बच्चे स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से दूसरे राज्यों में पढ़ने जा रहे हैं, जिनमें जलंधर के लवली विश्वविद्यालय में 11 हजार और एमिटी विश्वविद्यालय में 30 हजार छात्र शामिल हैं। सीएम ने जोर देकर कहा कि सरकार उन्हें यहीं उच्चस्तरीय शैक्षणिक सुविधा देने को संकल्पित है, क्योंकि छात्रों के बाहर पढ़ने से हर साल हजारों करोड़ रुपये राज्य से बाहर चले जाते हैं। निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ाने की भी योजना है।

इसके अलावा, बिहार विधान परिषद में भोजनावकाश के बाद विधानसभा से पारित सात विधेयकों को भी मंजूरी मिली। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने ‘बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक 2026’ के बारे में बताया कि इससे ग्राम पंचायतें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी। पंचायतें अब अपने क्षेत्र में होर्डिंग, बैनर और अन्य विज्ञापनों पर शुल्क वसूल सकेंगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में बहुमंजिला भवनों और अपार्टमेंट के निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति व संबंधित प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा।

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बिहार विधानमंडल में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा अभी शांत होता नहीं दिख रहा है। विपक्ष ने जहां सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर रखी है, वहीं सरकार विकास और विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने में जुटी है। आने वाले दिनों में सदन में और भी तीखी बहस व गतिरोध देखने को मिल सकता है।

विधानसभा में गरमाया छात्रों के लाठीचार्ज का मुद्दा

बुधवार को डाकबंगला चौराहे पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर बिहार विधानसभा में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। भाजपा विधायक श्याम बाबू यादव ने सदन में आरोप लगाया कि डाकबंगला चौराहे पर उनकी गाड़ी पर हमला करने वाले छात्र नहीं, बल्कि गुंडे थे। विपक्ष के सदस्यों ने इस बयान का पुरजोर विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और विधायक एक-दूसरे की ओर अंगुली दिखाते हुए आगे बढ़े। मार्शलों को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित कर दी। इससे पहले, विपक्ष के विधायक विधानसभा परिसर में हाथों में पोस्टर लेकर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे और पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

शिक्षा और उद्योग जगत को नई दिशा देंगे तीन अहम विधेयक

बिहार विधानसभा में हंगामे के बीच कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा हुई और सहमति बनी, जिनका सीधा असर राज्य के विकास और युवाओं के भविष्य पर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कहा, “हम ऐसी व्यवस्था करना चाहते हैं, जिससे हमारे बच्चे उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर न जाएं। सरकार निजी विश्वविद्यालयों को लेकर गंभीर है और आवश्यकतानुसार उनकी संख्या बढ़ाने की योजना है।”

उन्होंने जोर दिया कि यह विधेयक राज्य के युवाओं के भविष्य को नई दिशा देगा और सरकार का उद्देश्य छात्रों के दूसरे राज्यों में होने वाले पलायन को रोकना है। सीएम ने बताया कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बिहार के लाखों बच्चे दूसरे राज्यों में पढ़ रहे हैं, जिनमें जलंधर के लवली विश्वविद्यालय में 11 हजार और एमिटी विश्वविद्यालय में 30 हजार बच्चे शामिल हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि बिहार में ही उच्चस्तरीय शैक्षणिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे हर वर्ष राज्य से बाहर जाने वाले हजारों करोड़ रुपये बचेंगे।

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उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान बताया कि निवेशकों को बेहतर वातावरण देने और व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए एकल खिड़की प्रणाली लागू होगी। इन्वेस्ट बिहार सचिवालय सभी निवेश संबंधी आवेदनों का निपटारा नियमानुसार तीस दिनों के भीतर सुनिश्चित करेगा।

शहरी विकास और पंचायतों की आत्मनिर्भरता पर भी बड़ा फैसला

राज्य में शहरीकरण की गति बढ़ाने और आर्थिक विकास को नई दिशा देने के लिए बिहार नगर विकास विधेयक 2026 भी लाया गया है। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि इसके तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बिहार नगर विकास प्राधिकरण का गठन होगा। यह प्राधिकरण विशेष क्षेत्रों की पहचान, विकास योजनाओं का निर्माण, सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन और अन्य शहरी आधारभूत संरचनाओं के विकास एवं रखरखाव का कार्य करेगा।

ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक 2026 पर भी सहमति बनी। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि अब पंचायतें अपने क्षेत्र में होर्डिंग, बैनर और अन्य विज्ञापनों पर शुल्क वसूल सकेंगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में बहुमंजिला भवन और अपार्टमेंट निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति और संबंधित प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा।

नीट पेपर लीक पर बिहार विधानसभा में क्यों मचा बवाल? BJP विधायक के सनसनीखेज आरोप!

Bihar Assembly: शुक्रवार को बिहार विधानसभा में नीट पेपर लीक और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायक वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विपक्षी दल पटना के डाकबंगला चौराहे पर हुए छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का कड़ा विरोध कर रहे थे। इस दौरान बीजेपी विधायक श्याम बाबू यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान उन पर और उनके सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया गया। उन्होंने आशंका जताई कि कल उनकी हत्या भी हो सकती थी। इस भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के लगभग 8 मिनट बाद ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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विपक्षी विधायकों का प्रदर्शन और सरकार से सवाल

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी विधायकों ने अपना विरोध दर्ज करा दिया था। वे बैनर और पोस्टर लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे और पोर्टिको में सरकार के खिलाफ नारे लगाए। विधायकों ने पटना में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया। विपक्षी विधायकों ने विधानसभा के पास धरना देते हुए ‘भाजपा हटाओ, शिक्षा बचाओ’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारी विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

विपक्षी विधायकों के हाथों में अलग-अलग संदेश लिखे बैनर और पोस्टर थे, जिनमें परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के सम्मान की मांग की गई थी। ’10 वर्षों में 152 पेपर लीक क्यों, भाजपा सरकार जवाब दो’ जैसे स्लोगन के जरिए विपक्ष ने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरा। इसके अलावा, ‘छात्रों की है एक ही मांग, पारदर्शी परीक्षा और सम्मान’ तथा ‘छात्रों पर पुलिस बर्बरता, नहीं चलेगी’ जैसे नारे भी लगाए गए।

बीजेपी विधायक के गंभीर आरोप

सदन में बीजेपी विधायक श्याम बाबू यादव ने पटना के डाकबंगला चौराहे पर हुए प्रदर्शन को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्र नहीं थे, बल्कि गुंडे थे। बीजेपी विधायक ने दावा किया कि उन पर हमला किया गया और उनके गार्ड्स को भी निशाना बनाया गया।

श्याम बाबू यादव ने सदन में कहा, “अगर हालात कुछ और होते तो मेरी हत्या भी हो सकती थी।” उन्होंने इस प्रदर्शन के पीछे राजनीतिक दलों के लोगों के शामिल होने का आरोप भी लगाया। उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल और गरमा गया, और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए, जिससे तीखी नोकझोंक हुई।

इस बीच, बसपा विधायक सतीश यादव विधानसभा के पोर्टिको में धरने पर बैठ गए। वह एक तरफ बाबा साहेब आंबेडकर की फोटो और दूसरी तरफ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफा की मांग वाला पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। विपक्ष नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सदन में चर्चा की मांग कर रहा था। हंगामा बढ़ता देख सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस तरह, सदन की कार्यवाही लगभग 8 मिनट में ही रोकनी पड़ी। इस घटना के बाद पूरे बिहार में अलर्ट जारी किया गया है और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

निष्कर्ष

बिहार विधानमंडल का चौथा दिन हंगामेदार रहा, लेकिन इसके साथ ही राज्य के भविष्य को आकार देने वाले कई महत्वपूर्ण विधायी फैसले भी लिए गए। छात्रों के लाठीचार्ज का मुद्दा जहां राजनीतिक गलियारों में गरमाया हुआ है, वहीं निजी विश्वविद्यालय, शहरी विकास और पंचायती राज से जुड़े नए विधेयक बिहार के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में बड़े बदलाव लाने का मार्ग प्रशस्त करेंगे। आने वाले दिनों में इन विधेयकों का क्रियान्वयन और लाठीचार्ज के मुद्दे पर सदन में आगे की बहस महत्वपूर्ण होगी।

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