Bhagalpur Protest: आज भागलपुर में छात्रों के उग्र प्रदर्शन ने शहर की शांति भंग कर दी। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे विद्यार्थियों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और स्थिति को नियंत्रित करने पहुँची पुलिस से भी उनकी सीधी झड़प हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, और स्थानीय प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।
Bhagalpur Protest: नीट पेपर लीक मामले पर देशभर में जारी आक्रोश के बीच शनिवार, 25 जुलाई 2026 को ‘बिहार बंद’ के दौरान भागलपुर का तिलकामांझी चौक हिंसा का केंद्र बन गया। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। उग्र भीड़ ने पुलिस के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए कई सरकारी और निजी वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।






छात्रों का प्रदर्शन क्यों हुआ उग्र?
प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर पहले शांतिपूर्ण ढंग से विरोध शुरू किया था, लेकिन देखते ही देखते यह प्रदर्शन हिंसक हो गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आखिरकार बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके जवाब में छात्रों ने भी पथराव किया। इस पत्थरबाजी में पुलिसकर्मियों को भी चोटें आने की खबरें हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
भागलपुर में सड़कों पर दिखा बवाल
हिंसक झड़प के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने कई निजी और सरकारी वाहनों को निशाना बनाया, जिससे उन्हें भारी नुकसान पहुँचा। सड़कों पर बिखरे शीशे और क्षतिग्रस्त वाहन इस बवाल की गवाही दे रहे थे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार भीड़ को तितर-बितर करने में सफलता पाई, लेकिन इस घटना ने शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना अधिक था कि उन्होंने पुलिस की एक जिप्सी को पलट दिया और सरकारी वाहन पर भी ताबड़तोड़ डंडे बरसाए। इस दौरान कई अन्य गाड़ियां भी तोड़फोड़ का शिकार हुईं। छात्रों का यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक होने और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट के विरोध में था।
भागलपुर में पुलिस को आखिरकार बल प्रयोग करना पड़ा
छात्रों के प्रदर्शन ने तिलकामांझी चौक को रणक्षेत्र में बदल दिया। प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए वाहनों में तोड़फोड़ कर रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आखिरकार बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उग्र भीड़ को खदेड़ा, जिसके बाद इलाके में कुछ हद तक शांति बहाल हुई, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है
पुलिस ने लाठीचार्ज कर उग्र भीड़ को खदेड़ा
यह घटना ‘बिहार बंद’ के आह्वान के दौरान हुई, जिसने राज्यभर में नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली के खिलाफ छात्रों के गुस्से को उजागर किया। भागलपुर में हुई इस हिंसा ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासनिक मुस्तैदी की पोल खोल दी है।
सरकारी वाहनों को बनाया निशाना, छात्रों में भारी रोष
प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से सरकारी वाहनों को निशाना बनाया, जिससे उनके भीतर व्यवस्था के प्रति गहरा रोष दिखाई दिया। एसडीएम के वाहन पर डंडे चलाना और पुलिस जिप्सी को पलटना इस बात का प्रमाण है कि छात्र कितने आक्रोशित थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
आगे क्या? पुलिस कर रही उपद्रवियों की पहचान
पुलिस प्रशासन अब स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रख रहा है। उपद्रव करने वाले छात्रों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा और प्रशासन के बीच संवादहीनता की समस्या को उजागर किया है, जिसके समाधान के लिए ठोस कदमों की आवश्यकता है।








