Bihar NEET Protest: देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर बढ़ता आक्रोश अब सहरसा तक पहुंच गया है। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शहर के थाना चौक पर जमा हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। इन प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।
छात्रों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ‘प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता हर अभ्यर्थी का अधिकार है। यदि पेपर लीक जैसी घटनाएं लगातार होती रहीं तो मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का परीक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा।’
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लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी
धरने पर बैठे छात्रों ने बताया कि वर्षों की कड़ी मेहनत और तैयारी के बाद युवा इन महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल होते हैं। मगर, पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर देती हैं, जिससे उनका मनोबल टूट जाता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से अपील की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, इसमें शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका स्पष्ट कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाना बेहद जरूरी है।
थना चौक पर बढ़ता प्रदर्शन, पुलिस अलर्ट
सहरसा के थाना चौक पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस और संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। लगातार छात्रों का जमावड़ा थाना चौक पर बढ़ रहा है। विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।

एक छात्र ने अपनी बात रखते हुए कहा, ‘निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई से ही अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कायम रह सकता है।’
इस स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। थाना चौक पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानून-व्यवस्था किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो, जिससे कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
युवाओं के भविष्य का अहम सवाल
प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता का यह मुद्दा लाखों छात्रों के भविष्य से सीधा जुड़ा है। सहरसा में शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन इसी गंभीर चिंता को सामने लाता है। छात्रों का दृढ़ विश्वास है कि केवल निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई से ही अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा फिर से कायम हो सकता है। यह प्रदर्शन केवल एक शहर की आवाज नहीं, बल्कि देशभर के उन लाखों युवाओं की चिंता है जो एक पारदर्शी और न्यायपूर्ण परीक्षा व्यवस्था की उम्मीद करते हैं।














