Darbhanga News: बिहार के दरभंगा में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ कर्ज वसूली की कथित प्रताड़ना के बाद एक 35 वर्षीय युवक का शव फंदे से लटका मिला। इस घटना के बाद मृतक के तीन छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं, जिससे पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। बेंता थाना क्षेत्र के दोनार स्थित कल्पना एजेंसी के सामने यह दुखद वाकया हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। मृतक की पहचान स्व. उमेश शाह के पुत्र जितेंद्र शाह के रूप में हुई है।
Darbhanga News: बिहार के दरभंगा में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां कर्ज वसूली को लेकर कथित प्रताड़ना के बाद एक 35 वर्षीय युवक ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। यह मामला शहर के बेंता थाना क्षेत्र के दोनार स्थित कल्पना एजेंसी के सामने एक घर का है। मृतक की पहचान स्व. उमेश शाह के पुत्र जितेंद्र शाह के रूप में हुई है। इस घटना से परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है, वहीं परिजनों ने कर्ज वसूली को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।





कर्ज वसूली पर परिजनों के गंभीर आरोप
मृतक जितेंद्र शाह के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कुछ साल पहले जितेंद्र ने एक स्थानीय व्यक्ति से एक लाख रुपये उधार लिए थे। उनका कहना है कि इस कर्ज की वसूली के लिए एक महिला लगातार उनके घर आकर पैसे की मांग करती थी। परिजनों के अनुसार, समय पर राशि नहीं देने पर जितेंद्र के साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी। इस लगातार हो रही प्रताड़ना के कारण जितेंद्र लंबे समय से तनाव में थे।
जितेंद्र के पुत्र शिवम कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन भी रुपये की वसूली को लेकर घर में विवाद हुआ था। शिवम के मुताबिक, संबंधित महिला के जाने के कुछ देर बाद ही उनके पिता कमरे में फंदे से लटके मिले। शिवम ने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना से एक-दो दिन पहले भी उनके पिता के साथ मारपीट की गई थी। जितेंद्र की बड़ी भाभी पूनम देवी ने भी कर्ज वसूली के दौरान प्रताड़ित किए जाने की बात कही है। इन आरोपों की फिलहाल पुलिस द्वारा स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है और मामले की जांच जारी है।
पत्नी की मौत के बाद बच्चों की जिम्मेदारी और अब अनाथ हुए तीन मासूम
परिजनों ने बताया कि जितेंद्र शाह की पत्नी का करीब छह महीने पहले निधन हो गया था। पत्नी की मौत के बाद परिवार और अपने तीन छोटे बच्चों—शिवम, सत्यम और आनंद—की पूरी जिम्मेदारी जितेंद्र पर ही आ गई थी। अब जितेंद्र की मौत के बाद इन तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया भी उठ गया है, जिससे वे पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। पूनम देवी ने कहा है कि परिवार की बड़ी बहन के बाहर से लौटने के बाद ही जितेंद्र का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पुलिस का बयान: हर पहलू की होगी जांच
बेंता थाना पुलिस ने इस दुखद मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी यदि आरोप सही पाए जाते हैं। यह घटना कर्ज और उसकी वसूली के दौरान होने वाली संभावित प्रताड़ना के गंभीर परिणामों को उजागर करती है, जिस पर प्रशासन की कड़ी नजर है।
कर्ज वसूली की प्रताड़ना का गंभीर आरोप
परिजनों ने जितेंद्र शाह की मौत को कर्ज वसूली से जुड़ी प्रताड़ना का नतीजा बताया है। उनके अनुसार, कुछ साल पहले जितेंद्र ने एक स्थानीय व्यक्ति से एक लाख रुपये उधार लिए थे। परिवार का आरोप है कि इस कर्ज की वसूली के लिए एक महिला लगातार उनके घर आकर रुपये की मांग करती थी। परिजनों ने बताया कि समय पर राशि न देने पर जितेंद्र को गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, जिसके कारण वह लंबे समय से तनाव में थे।
मृतक के पुत्र शिवम कुमार ने आरोप लगाया, ‘घटना वाले दिन रुपये की वसूली को लेकर घर पर विवाद हुआ था। संबंधित महिला के जाने के कुछ समय बाद ही मेरे पिता कमरे में फंदे से लटके मिले। घटना से एक-दो दिन पहले भी मेरे पिता के साथ मारपीट की गई थी।’
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
पत्नी की मौत के बाद अनाथ हुए तीन बच्चे
यह दुखद घटना ऐसे समय में हुई है जब मृतक जितेंद्र शाह पहले से ही गहरे सदमे में थे। परिजनों के मुताबिक, करीब छह महीने पहले ही उनकी पत्नी का निधन हो गया था। उनके तीन पुत्र हैं, जिनके नाम शिवम, सत्यम और आनंद हैं। पत्नी की मृत्यु के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी जितेंद्र पर ही थी। अब उनकी मौत के बाद तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया भी उठ गया है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है। जितेंद्र की बड़ी भाभी पूनम देवी ने भी कर्ज वसूली के दौरान प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि परिवार की बड़ी बहन के बाहर से लौटने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पुलिस कर रही है मामले की गहन जांच
बेंता थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की भी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो।






