Bihar Kanwariya Path: बिहार सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-22 (NH-22) पर एक महत्वपूर्ण पहल की है। हाजीपुर से मुजफ्फरपुर के बीच कांवड़िया श्रद्धालुओं के लिए 6 मीटर चौड़ा कच्चा पथ बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। यह कदम लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
राज्य के पथ निर्माण मंत्री, इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को इस संबंध में पत्र लिखा है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार, यह प्रस्तावित पथ NH-22 के किनारे उपलब्ध भूमि पर बनाया जाएगा, जिससे कांवड़िया तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित हो सके और राजमार्ग पर यातायात का दबाव भी कम हो।





कांवड़िया पथ की जरूरत क्यों?
मंत्री ने बताया कि हर साल सावन और भादो मेलों के दौरान बिहार और अन्य राज्यों से लाखों श्रद्धालु सारण जिले के पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए पैदल जाते हैं। वर्तमान में, कोई अलग मार्ग न होने के कारण इन तीर्थयात्रियों को NH-22 के पक्के मार्ग पर चलना पड़ता है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है और तीर्थयात्रा के मौसम में यातायात बाधित होता है।
30 जुलाई को मंत्री ने पहलेजा से बाबा गरीबनाथ मंदिर तक मौजूदा कांवड़िया मार्ग का निरीक्षण किया था, ताकि उसकी साफ-सफाई और वर्तमान स्थिति का आकलन किया जा सके। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्थायी कच्चा पथ विकसित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं शुरू करने का निर्देश दिया था।
सुल्तानगंज मॉडल पर होगा निर्माण
प्रस्तावित कॉरिडोर को सुल्तानगंज के कांवड़िया पथ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जो वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान भक्तों के लिए एक अलग मार्ग प्रदान करता है। विभाग ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का उद्देश्य पैदल चलने वाले तीर्थयात्रियों के लिए साधारण मिट्टी और रेत से बना एक समर्पित पैदल मार्ग तैयार करना है। यह मार्ग लगभग 50 किलोमीटर लंबा और छह मीटर चौड़ा होने की उम्मीद है।
पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र में कहा, “हाजीपुर से मुजफ्फरपुर के बीच NH-22 पर कांवड़िया पथ के निर्माण से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा मिलेगी। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम होगा और अनुपयोगी पड़ी भूमि का सही इस्तेमाल हो पाएगा।”
केंद्रीय मंत्री को भेजा गया प्रस्ताव
पथ निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी भी निरीक्षण के दौरान मौजूद थे। केंद्रीय सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में मंत्री ने हाजीपुर और मुजफ्फरपुर के बीच NHAI की उपलब्ध भूमि पर समर्पित कच्चा कांवड़िया पथ बनाने की मंजूरी मांगी है। उम्मीद है कि यह सुविधा न केवल तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाएगी, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं के जोखिम को भी कम करेगी और अतिक्रमण को रोकने में मदद करेगी।
इस परियोजना से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचने की संभावना है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिल सकेगी।






