East Champaran Police: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने ‘नोट डबल’ करने का झांसा देकर आम लोगों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। मोतिहारी पुलिस की विशेष टीम ने इस संगठित गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक बर्खास्त बिहार सैन्य पुलिस (बीएमपी) का जवान और दो बर्खास्त होमगार्ड जवान भी शामिल हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर की गई, जिससे इलाके में सक्रिय धोखाधड़ी के इस नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
पूर्वी चंपारण में पुलिस की बड़ी कार्रवाई! ‘नोट डबल’ करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, बर्खास्त जवान समेत 9 दबोचे
Bihar Police Action: बिहार पुलिस को मोतिहारी में एक बड़ी सफलता मिली है। पूर्वी चंपारण जिले में ‘नोट डबल’ करने का झांसा देकर आम लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई में बर्खास्त बिहार सैन्य पुलिस (बीएमपी) के एक जवान और दो बर्खास्त होमगार्ड जवानों सहित कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।





पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) जितेश पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया। यह कार्रवाई ठगी के शिकार होने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
पुलिस कार्रवाई में क्या-क्या बरामद हुआ?
एसडीपीओ जितेश पाण्डेय ने ‘आज’ बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण चीजें बरामद की गई हैं। पुलिस को मौके से नकली नोट, नकद राशि, हथियार और पुलिस की वर्दियां भी मिली हैं, जो इस गिरोह के खतरनाक इरादों को दर्शाती हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से लगभग चार लाख रुपये मूल्य के ‘चिल्ड्रेन बैंक’ लिखे नकली नोट, 34 हजार रुपये नकद, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, पुलिस की कई वर्दियां तथा ठगी में प्रयुक्त अन्य सामग्री बरामद की गई है।
इस बरामदगी से स्पष्ट होता है कि यह गिरोह कितने बड़े पैमाने पर और किस तरह से लोगों को झांसा दे रहा था। नकली नोटों पर ‘चिल्ड्रेन बैंक’ लिखा होना भी इनकी ठगी के तरीके का हिस्सा था, जिससे वे भोले-भाले लोगों को आसानी से अपने जाल में फंसाते थे।
गिरोह के सदस्यों में बर्खास्त जवान भी शामिल
गिरफ्तार किए गए नौ लोगों में एक बर्खास्त बीएमपी जवान और दो बर्खास्त होमगार्ड जवान शामिल हैं। सरकारी सेवाओं से बर्खास्त होने के बाद इन जवानों का आपराधिक गतिविधियों में शामिल होना बेहद चिंताजनक है। पूर्वी चंपारण पुलिस की इस कार्रवाई से ऐसे आपराधिक तत्वों पर नकेल कसने में मदद मिली है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
बर्खास्त जवान और होमगार्ड भी शामिल
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) जितेश पाण्डेय के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इन शातिर ठगों को धर दबोचा। एसडीपीओ पांडे ने 30 जुलाई को बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से ठगी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कई सामग्री बरामद हुई है। इस गिरोह में पूर्व सुरक्षाकर्मियों का शामिल होना पुलिस के लिए भी चिंता का विषय है, जो दर्शाता है कि अपराधी किस हद तक समाज में अपनी जड़ें फैला चुके हैं।
लाखों के नकली नोट और हथियार बरामद
पुलिस ने बदमाशों के पास से लगभग चार लाख रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद किए हैं, जिन पर ‘चिल्ड्रेन बैंक’ लिखा हुआ है। इसके अलावा, 34 हजार रुपये नकद, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और पुलिस की कई वर्दियां भी मिली हैं। इन सामग्रियों से स्पष्ट होता है कि यह गिरोह न केवल धोखाधड़ी बल्कि अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्त था। पुलिस की वर्दियों का मिलना यह भी संकेत देता है कि वे पुलिसकर्मी होने का ढोंग कर लोगों को आसानी से अपने जाल में फंसाते थे।
एसडीपीओ जितेश पाण्डेय ने बताया, ‘गिरफ्तार आरोपियों के पास से लगभग चार लाख रुपये मूल्य के ‘चिल्ड्रेन बैंक’ लिखे नकली नोट, 34 हजार रुपये नकद, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, पुलिस की कई वर्दियां तथा ठगी में प्रयुक्त अन्य सामग्री बरामद की गई है।’
पुलिस की इस कार्रवाई से पूर्वी चंपारण में धोखाधड़ी के मामलों पर लगाम लगने की उम्मीद है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के बारे में विस्तृत जानकारी जुटा रही है, ताकि इस तरह के अपराधों को जड़ से खत्म किया जा सके। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।






